हरियाणा में वर्ष 2019 के दौरान हुए सड़क हादसों के अंतर्गत कुल 22 जिलों में से 12 जिले ऐसे हैं, जहां हादसों में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। इसी तरह 7 जिले ऐसे हैं, जहां हादसों में घायलों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। जबकि 6 जिलों में सड़क हादसों की संख्या भी बढ़ी है। इस वर्ष हरियाणा में कुल 10944 सड़क हादसे हुए। जिसमें 5057 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और 9362 लोग घायल हुए।
बहरहाल, वर्ष 2019 और वर्ष 2018 की ओवरआल तुलनात्मक रिपोर्ट देखें, तो हरियाणा में बीते साल हादसों में मरने वालों व घायलों की संख्या कुछ घटी है। लेकिन अभी ये आंकड़े बहुत ज्यादा बेहतर नहीं कहा जा सकता। सरकार के रोड सेफ्टी के इंतजामों में अभी और सुधार की काफी गुंजाइश है, ताकि सड़क हादसों में मरने वालों व घायलों की संख्या और कम हो।
जिन जिलों में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ी है, उनमें पंचकूला, करनाल, पानीपत, रोहतक, झज्जर, हिसार, चरखीदादरी, जींद, फरीदाबाद, पलवल, नारनौल, मेवात शामिल हैं। जहां घायलों की संख्या बढ़ी उनमें पंचकूला, कुरुक्षेत्र, हिसार, जींद, फरीदाबाद, पलवल व नारनौल शामिल है। जबकि पंचकूला, करनाल, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी व मेवात ऐसे जिले हैं, जहां सड़क हादसों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
यदि देखा जाए तो ओवरऑल हरियाणा में औसतन सड़क हादसों की संख्या 294 कम हुई है। वर्ष 2019 में 2018 की अपेक्षाकृत मौतें भी 61 कम हुई है और घायलों की संख्या भी 658 तक घटी है। ये इस दिशा में सरकार के ही सकारात्मक प्रयासों का नतीजा है। इस साले रोड सेफ्टी को और मजबूत बनाया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस विषय को लेकर बहुत गंभीर है। रोड सेफ्टी से जुड़ी सभी विभागों को भी अपनी जिम्मेवारी समझनी होगी।
- डॉ. एसएस फूलिया, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, हरियाणा