हरियाणा ने अमृत सरोवर के लक्ष्य से अधिक तालाबों को किया विकसित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा ने अमृत सरोवर मिशन के तहत तालाबों व जोहड़ों के जीर्णोद्धार और विकास के लक्ष्य को पूरा कर लिया है। योजना के तहत प्रदेश के 22 जिलों के 1650 तालाबों को विकसित करना था, लेकिन 2082 तालाबों का कायाकल्प किया जा चुका है। हरियाणा में ग्रामीण क्षेत्रों में 18,748 और शहरी क्षेत्रों में 901 तालाब विकसित किए गए हैं। प्रधानमंत्री के मिशन के अनुसार हरियाणा के 22 जिलों में 1650 तालाबों का अमृत सरोवर मिशन के तहत जीर्णोद्धार किया जाना था।
हरियाणा में अमृत सरोवर अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष एक मई को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सोनीपत के नाहरा गांव के गंगेश्वर तालाब से राज्य के 111 तालाबों के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण के साथ की थी। प्रदेश सरकार ने इस कार्यक्रम को सिरे चढ़ाने के लिए हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण का गठन किया है। इसके लिए प्राधिकरण ने तालाबों को अमृत, अमृत प्लस व अमृत प्लस-प्लस तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
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तालाबों को तीन चरणों बांटकर किया विकसित
अमृत चरण :
प्रारंभिक चरण में तालाबों से पानी की निकासी, गाद निकालना, खुदाई व तालाबों के किनारों को मजबूत किया गया।
अमृत प्लस चरण : दूसरे चरण में पौधारोपण, पगडंडी बनाना, गाद निकलना, तारबंदी, बैंच, सोलर लाइट, पशुघाट से संबंधित निर्माण किए गए।
अमृत प्लस-प्लस चरण : तीसरे चरण में अमृत प्लस-प्लस योजना के तहत 110 तालाबों में अतिरिक्त स्ततः गतिविधिया संचालित की गई हैं। इन तालाबों में मत्स्य पालन सहित अन्य कई गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर होगी।
सीएम कल 60 और तलाबों के सौंदर्यीकरण का करेंगे लोकार्पण
इसी शृंखला में 24 जनवरी को मुख्यमंत्री फतेहाबाद जिला के डुल्ट गांव से प्रदेश के 60 और अमृत सरोवर तालाबों के सौंदर्यीकरण का लोकार्पण करेंगे। इनमें भिवानी के तीन, चरखी दादरी के छह, झज्जर के छह, नूंह के सात, फतेहाबाद के 31, हिसार के चार, कैथल, पलवल व पंचकूला के एक-एक अमृत सरोवर शामिल हैं।