- किसानों को स्वमीनाथन आयोग के अनुसार उनकी फसल की लागत के आधार पर डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य सी-2+50 प्रतिशत के हिसाब से भुगतान किया जाए व देश की सभी फसलों को क्रय करने की गारंटी का कानून बनाया जाए।
- देश के संपूर्ण किसानों को हर प्रकार के कर्ज से मुक्त किया जाए।
- फल, सब्जी व दूध का एमएसपी तय किया जाए।
- देश के सभी किसानों की न्यूनतम आय 18000 रुपये प्रति माह सुनिश्चित हो।
- शिक्षित ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित किया जाए।
चुनावों से पहले राजनीतिक पार्टियां बड़े-बड़े वादे करती हैं, लेकिन चुनावों के बाद वो वादे भूला दिए जाते हैं। देश का किसान इन राजनीतिक पार्टियों के बहकावे में हर बार आ जाता है। 20 दिसंबर से हरियाणा, पंजाब समेत अन्य राज्यों के गांवों में बैठकें आयोजित की जाएंगी। गांवों में किसान राजनीतिक पार्टियों को गांव में न घुसने देने का संकल्प पत्र पारित करेंगे व गांवों के प्रवेश द्वार पर राजनीतिक पार्टियों को चेतावनी देता हुआ यह बैनर लगा दिया जाएगा। - अभिमन्यु कोहाड़, प्रवक्ता, राष्ट्रीय किसान महासंघ।