हरियाणा में आईसीएमआर द्वारा कोरोना संक्रमण के टेस्ट की मंजूरी प्राप्त एक निजी लैब ने अपने ऊपर गलत जांच रिपोर्ट जारी करने के आरोप में शनिवार को सफाई दी है। लैब का कहना है उनके द्वारा कोरोना संक्रमण जांच रिपोर्ट पूरी तरह से निष्कर्षों के आधार पर जारी की गई थी। लैब ने साथ ही यह भी कहा है कि सरकार चाहे तो हमारे पास आए सैंपलों की किसी भी सरकारी लैब में पुनः जांच करा सकती है।
बात दें कि गुरुग्राम स्थित एक लैब द्वारा गलत रिपोर्ट जारी करने के बाद हरियाणा सरकार ने इस लैब के खिलाफ जांच बैठा दी है। लैब द्वारा जांच में निगेटिव मरीजों को पॉजिटिव बता दिया गया था। जिन मरीजों को उक्त लैब द्वारा पॉजिटिव बताया गया था, जबकि उनकी जांच दो अन्य लैब में कराई गई तो दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
सरकार ने इस लैब को भविष्य में सैंपल देने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा को जांच के आदेश दिए हैं। लैब की इस गलत रिपोर्ट का खुलासा तब हुआ जब स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों पर अंबाला छावनी की एक एएनएम की जांच दूसरी लैब से कराई गई। दूसरी लैब द्वारा नर्स को निगेटिव बताया गया और उसमें कोरोना के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई।