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हरियाणा की मनमर्जी: बिना अधिकार क्षेत्र चंडीगढ़ से हिसार के लिए बना दिया टाइम टेबल, सोता रहा चंडीगढ़ प्रशासन

Tue, 14 Oct 2025 01:04 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

बसों का टाइम टेबल न होने की वजह से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि यात्रियों को यह पता ही नहीं होता कि कौन सी बस कब आएगी या कब रवाना होगी। इससे लोग घंटों बस अड्डे पर इंतजार करते रहते हैं।
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CTU bus - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा रोडवेज ने बिना अधिकार क्षेत्र के चंडीगढ़ से हिसार के लिए बसों का टाइम टेबल तैयार कर लागू कर दिया है, जबकि यह अधिकार सिर्फ चंडीगढ़ प्रशासन के पास है। 
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इस एकतरफा फैसले पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। दूसरी ओर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी खुद पिछले तीन साल से आईएसबीटी-17 से कई शहरों के लिए टाइम टेबल नहीं बना पाया है। नतीजतन यात्रियों को हर रोज असुविधा झेलनी पड़ रही है।

बसों का टाइम टेबल न होने की वजह से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि यात्रियों को यह पता ही नहीं होता कि कौन सी बस कब आएगी या कब रवाना होगी। इससे लोग घंटों बस अड्डे पर इंतजार करते रहते हैं। कई बार बसें बिना सूचना रवाना हो जाती हैं, तो कई बार एक ही समय पर एक ही रूट की दो बसें निकल जाती हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनती है। 
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इस संबंध में एक शिकायतकर्ता मोहित अरोड़ा पिछले तीन साल से परिवहन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिख रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। अब जब हरियाणा ने अपनी मनमर्जी चलाते हुए खुद ही टाइम टेबल बना दिया तो मोहित ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया को पत्र लिखकर प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे चंडीगढ़ प्रशासन पर मोटर व्हीकल्स एक्ट 1988 की धारा 72 और 88(5)(6) के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। 

उन्होंने कहा है कि हरियाणा रोडवेज ने चंडीगढ़ से हिसार के बीच बसों के संचालन के लिए एकतरफा इंटर-स्टेट जॉइंट टाइम टेबल तैयार कर लिया है, जबकि ऐसा करने का अधिकार केवल चंडीगढ़ एसटीए के पास है। ऐसा एसटीए और सीटीयू के अधिकारियों की अनदेखी की वजह से हो रहा है।

टाइम टेबल बना तो हरियाणा रोडवेज की मनमानी होगी बंद

सूत्रों के अनुसार परिवहन विभाग में कुछ अधिकारी हैं जो जानबूझकर टाइम टेबल को बनने नहीं देना चाहते हैं। सीटीयू के कुछ कर्मियों ने बताया कि अगर टाइम टेबल बना तो हरियाणा रोडवेज की मनमानी बंद हो जाएगी। इसलिए पिछले कई वर्षों से इसे लटकाया गया है। लटकाने का लाभ भी हरियाणा को ही मिला। हाल ही में हरियाणा ने अधिकार क्षेत्र के बिना चंडीगढ़ से हिसार के लिए टाइम टेबल बना दिया। बता दें कि टाइम टेबल बनाने की जिम्मेदारी सीटीयू के ट्रैफिक जीएम की होती है और इसे मंजूर एसटीए करता है लेकिन चंडीगढ़ में पिछले तीन साल से ये दोनों विभाग एक दूसरे के पाले में गेंद डालते रहते हैं।

यहां के लिए आज तक नहीं बना टाइम टेबल

आज तक चंडीगढ़ प्रशासन ने आईएसबीटी-17 से रोहतक, हिसार, 152 डी, खिजराबाद, कुराली, दिल्ली, जयपुर, आगरा, वृंदावन आदि मार्गों के लिए टाइम टेबल तैयार नहीं किया है। इसी वजह से वर्तमान में आईएसबीटी-17 पर केवल एक ही टाइम टेबल चंडीगढ़ से हरिद्वार डिस्प्ले किया गया है। बाकी जगहों के लिए बसों की कोई जानकारी बस स्टैंड पर है ही नहीं।

59 साल में आईएसटीबी-17 से सिर्फ दो बार बना टाइम टेबल

वर्ष 1966 से अब तक आईएसबीटी-17 का टाइम टेबल दो बार ही बनाया गया है। पहली बार वर्ष 2019 में, जब सिंडिकेट बस सर्विस सुप्रीम कोर्ट से केस जीतकर लौटी थी, तब उनकी सर्विस को रेगुलेट करने के लिए एसटीए ने चंडीगढ़ से अंबाला सिटी के लिए टाइम टेबल तैयार की गई थी लेकिन आज तक इसे भी आईएसबीटी-17 पर प्रदर्शित नहीं की गई। इसके बाद दूसरी बार वर्ष 2023 में चंडीगढ़ से यमुनानगर, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी, कोटद्वार आदि स्थानों के लिए टाइम टेबल तैयार की गई, जिसे हरिद्वार काउंटर के पीछे की ओर डिस्प्ले किया है।

यूनियन से बातचीत 

लागू हुआ तो सीटीयू को ही होगा फायदा
टाइम टेबल के मामले में अभी तक कुछ नहीं हुआ। हम अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। अगर ये लागू हो जाता है तो सीटीयू का ही फायदा होगा। बसें समय पर निकलेंगी और रूट भी ठीक से चलेंगे। रोडवेज के विवाद भी खत्म हो जाएंगे। इसे जल्द से जल्द लागू करना चाहिए। - जसवंत जस्सा, अध्यक्ष, चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन

सीटीयू को लग रहा चूना

टाइम टेबल को जानबूझकर लटकाया जा रहा है। हमने इस मुद्दे पर एसटीए के अधिकारियों के साथ भी कई बैठकें कर ली। सीटीयू के अधिकारियों को भी कई ज्ञापन सौंप चुके हैं लेकिन अब तक इसे रोका हुआ है। इसकी वजह से सीटीयू को चूना लग रहा है। ये जल्द बनने चाहिए। - धर्मेंदर राही, अध्यक्ष, सीटीयू वर्कर्स यूनियन

जब-जब स्टाफ मांगा, हमने दिया

सीटीयू एक ऑपरेटर हैं। हमसे एसटीए ने टाइम टेबल बनाने के लिए जब-जब स्टाफ मांगा है तो हमने दिया है। मैंने सोमवार को ही 11वीं बार अपने 4 स्टाफ एसटीए में भेजने के लिए मंजूरी दी है। - प्रद्युमन सिंह, निदेशक, परिवहन विभाग

प्रक्रिया जारी, जल्द करेंगे लागू

टाइम टेबल को तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें कुछ परेशानियां आ रही हैं। कुछ राज्य इसमें नहीं आ रहे हैं। कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह जल्द टाइम टेबल बनाकर लागू कर सकें। - अमित कुमार, एसटीए
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