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हरियाणा प्री-बजट बैठक: विधायकों ने खुलकर रखी बात, 'आप' की एकतरफा जीत का दिखा असर

Tue, 18 Feb 2020 10:18 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
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हरियाणा प्री-बजट बैठक - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा सरकार की प्री-बजट बैठकों पर पहले दिन दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की एकतरफा जीत का भी असर दिखा। विधायकों ने सरकार के तय कार्यक्रम अनुसार एजेंडा में शामिल विभागों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। विधायकों ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में छोटे-छोटे कामों से बड़ी जीत हासिल की है। स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने केसाथ ही स्कूलों की स्थिति सुधारी, स्वास्थ्य के क्षेत्र में मोहल्ला क्लीनिक के जरिए अभूतपूर्व काम किया। बिजली, पानी मुफ्त देकर जनता में अपनी जनहितैषी छवि बनाई।
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प्रदेश सरकार को भी राजनीति से ऊपर उठकर दिल्ली सरकार के अच्छे कामों को अपनाना चाहिए। विधायकों ने हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा का स्तर व रिजल्ट प्रतिशत शिक्षकों की कमी के कारण ही गिरा है। सरकार को शिक्षकों की भर्ती तुरंत करनी चाहिए। स्कूली शिक्षा के ढांचे में सुधार हो। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने कहा कि सरकार सकारात्मक सुझाव नहीं लेना चाहती। उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए दो लाख तक कृषि लोन जीरो प्रतिशत ब्याज पर देने का सुझाव दिया है।

इसके साथ ही कृषि उपकरणों की खरीद के लिए भी किसानों से लोन पर कोई ब्याज नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने फसल बीमा योजना की त्रुटियों को लेकर भी सरकार को अनेक सुझाव दिए हैं। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि को लेकर आए सुझावों को बजट में शामिल करेंगे। बैठक में बोलने के लिए कम समय मिलने पर अनेक विधायकों ने नाराजगी भी जताई।
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हर जिले में खुलें खेल स्कूल, खेलो हरियाणा कराएं : सिहाग

डबवाली से कांग्रेस विधायक अमित सिहाग ने बागवानी और शिक्षा को लेकर अहम सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ ही खेलकूद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। खेल यूनिवर्सिटी का उद्देश्य सार्थक करने के लिए 7वीं-8वीं के बाद विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर खेल स्कूल खोले जाएं। जिससे टैलेंट आगे बढ़े, खेलों को भी रोजगारपरक बनाया जाए। खेलो इंडिया की तर्ज पर खेलो हरियाणा भी कराएं।

ये आए प्रमुख सुझाव
. उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शिक्षा के साथ-साथ, युवा और खेल विभाग पर भी चर्चा कराई। उद्योग एवं रोजगार विभाग पर भी चर्चा के लिए सुझाव दिए। युवाओं के रोजगार के लिए कदम उठाने होंगे।

. विधायक अमित सिहाग ने छोटे किसानों की एकमुश्त कर्जमाफी की बात कही। फसल विविधिकरण को लेकर फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की राय दी। खेती में नुकसान पर प्रति एकड़ 12 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। टयूवबेल कनेक्शन लेना आसान हो व सस्ते में मिले।

. कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छोक्कर ने कहा, किसानों की फसल की पूरी खरीद हो। लावारिस पशुओं से फसलों को बचाएं। सरकार प्री-बजट बैठक को लेकर औपचारिकता कर रही है।

. कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि प्ले वे और नर्सरी स्कूल आंगनबाड़ी में खोले जाएं।  महिला किसानों को प्रोत्साहन मिले। बैठक का लाभ तभी है जब इन सुझावों को बजट में शामिल किया जाए।

बोलने के लिए सबको पर्याप्त समय मिला: दुष्यंत

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बोलने के लिए कम समय मिलने का आरोप एक व्यक्ति लगा रहा है। विपक्ष के विधायकों से पूछिए उन्हें पूरा समय बोलने को मिला है। बजट का अंतिम प्रारूप प्री बजट चर्चा के बाद ही तैयार किया जाएगा।

पहले सत्र में 33, दूसरे में 38 विधायकों ने दिए सुझाव: सीएम
प्री बजट पर चर्चा के पहले सत्र में  33 विधायकों ने सुझाव दिए और दूसरे सत्र में 38 विधायकों ने। पहले दिन कुल 71 सुझाव दोनों सत्र की बैठकों में आए। सीएम मनोहर लाल ने आश्वस्त किया है कि तमाम सुझावों का आंकलन किया जाएगा। बजट में कुछ सीमाएं हो सकती हैं। देखेंगे कौन से सुझाव को कहां जगह दी जा सकती है। यह जनता का बजट होगा राजनीति से ऊपर उठ कर सभी साथियों ने अपने-अपने सुझाव दिए हैं।

चौटाला पर सीएम का पलटवार
सीएम ने कहा कि अभी बजट तैयार नहीं हुआ है। एक साथी ने यह कहा कि बजट तैयार हो गया है, जो गलत है। 19 तारीख को सब सुझाव लेने के बाद पूर्ण स्वरूप बजट को दिया जाएगा। बजट पेश करने से आज के दिन तक हमारे पास बजट बनाने के लिए वहुत समय है। प्री-बजट चर्चा में सब साथियों के लिए 5 मिनट का समय निर्धारित किया था, अगर ज्यादा समय होगा तो भाषण होगा, सुझाव नही आएंगे। यह चर्चा सुझावों के लिए आयोजित की गई है।

व्यवस्तता के कारण बैठक में लेट पहुंचे विज
गृह मंत्री अनिल विज पहले दिन की बैठकों में अपनी व्यस्तता के कारण देरी से पहुंचे। उन्होंने प्री-बजट चर्चा की सराहना की। विज ने कहा ये एक अच्छी पहल है देश में शायद हरियाणा में ये पहल हुई है। मंत्री के नाते वे पहले ही बजट को लेकर सुझाव दे चुके हैं और अब विधायकों से उनके सुझाव लिए जा रहे हैं।

जजपा विधायक का सुझाव, दादुपर नलवी नहर को फिर चालू करे सरकार

बजट सत्र से पहले हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित प्री बजट बैठक में जननायक जनता पार्टी (जजपा) विधायकों ने भी सुझाव दिए हैं। जिसमें उनकी मांग है कि  बजट मेंगठबंधन सरकार कृषि, शिक्षा व स्वास्थ्य पर खास फोकस रखे। इसी बैठक में जजपा के शाहबाद विधायक रामकरण काला ने तो सरकार को सुझाव दे डाला कि वे  दादुपुर नलवी नहर  को फिर से शुरू करवाए। बताते चलें कि पूर्व भाजपा सरकार ने दादुपुर नलवी नहर प्रोजेक्ट को डिनोटिफाई कर दिया था। ये परियोजना अब ठप हो चुकी है। 

लेकिन अब चूंकि प्रदेश सरकार भाजपा-जजपा की है, इसलिए इस सुझाव के बड़े मायने सामने आ रहे हैं। लेकिन अब देखना होगा कि प्रदेश की गठबंधन सरकार इस सुझाव पर क्या करती है। बैठक में उन्होंने कि दादुपुर नलवी नहर को दोबारा शुरू किए जाना चाहिए, क्योंकि इससे काफी किसानों को बड़े फायदे के साथ-साथ भूजल भी सुधरता। गुहला से विधायक ईश्वर सिंह ने उन किसानों के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की जो ठेके पर जमीन लेकर खेती करते हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि खाद्य सुरक्षा कानून और फूड प्रोसेसिंग की योजनाओं के तहत इस बात का प्रावधान किया जाना चाहिए कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में मिलने वाला मुआवजा उन किसानों तक पहुंचे जो ज़मीन के मालिक नहीं हैं।  बरवाला से जेजेपी विधायक जोगीराम सिहाग ने मांग रखी कि सभी पैक्स सोसाइटी में एमसीएल को तुरंत बढ़ाया जाए जिसे 2010 के बाद से अब तक बढ़ाया ही नहीं गया है जबकि इसे हर 3 साल में बढ़ाना होता है। उन्होंने कहा कि 50 हजार की आबादी होने के बावजूद बरवाला में लड़कियों का सरकारी कॉलेज नहीं है जिसे सरकार को तुरंत खुलवाना चाहिए।

जुलाना से जेजेपी विधायक अमरजीत ढांडा ने मांग की स्कूली शिक्षा पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए। नरवाना से विधायक रामनिवास वाल्मिकी ने मांग की कि किसानों की फसल पकने के समय फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए ताकि मौके पर तुरंत आग पर काबू पाकर फसल का नुकसान होने बचाया जा सके। गांवों में गंदे पानी, जोहड़ पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर उस पानी का सिंचाई आदि के लिए प्रयोग होना चाहिए। राज्य मंत्री अनूप धानक ने कहा कि आगामी बजट के जरिये किसानों, ग्रामीणों और अनुसूचित जाति समेत समाज के वंचित वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं हरियाणा के लोगों को समर्पित की जानी चाहिए।
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बोलने के लिए कम समय देने से नाखुश अभय चौटाला

हरियाणा सरकार की तीन दिवसीय प्री-बजट बैठकों के पहले दिन इनेलो विधायक अभय चौटाला कड़े तेवरों में दिखे। बोलने के लिए कम समय मिलने से नाखुश चौटाला ने बैठकों को खानापूर्ति करार दिया। एक विभाग पर बोलने के लिए दो से पांच मिनट के समय को उन्होंने कम बताया और कहा कि सरकार को प्री-बजट बैठकें कम से कम दो-तीन महीने पहले करनी चाहिए थीं। एक विभाग पर कम से कम एक दिन चर्चा होती तो बेहतर रहता। सरकार अपनी पसंद के ही सुझाव ले रही है। बजट की किताबें छप चुकी हैं, अब बैठकों का कोई औचित्य नहीं बनता। यह समय और पैसे की बर्बादी है। अभय ने कहा कि क्या सरकार विधायकों के सुझावों को शामिल करते हुए दोबारा से बजट दस्तावेज प्रकाशित करवाएगी।

सरकार केवल दिखावे के लिए केंद्र सरकार की तर्ज पर प्री-बजट बैठकें कर रही है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में किस तरह सुधार लाया जाए, रोजगार के साधन कैसे विकसित करें, किसान की आर्थिक हालत में कैसे सुधार हो, शिक्षा में किस तरह गुणवत्ता लाई जाए और किन मदों में कितनी राशि प्रस्तावित करें, पीने के पानी की समस्या को किस तरह किन योजनाओं के तहत सुधारा जाए और कितने रुपये इसके लिए प्रस्तावित हों। ये सब बजट में होना चाहिए। गठबंधन सरकार का ध्येय जनता के पैसे को मौज-मस्ती के लिए खर्च करना ही है। प्री-बजट बैठक में प्रदेश के कर्ज पर भी चर्चा होनी चाहिए।

अभय ने ये सुझाव देने की कोशिश की
. धान की जगह बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने सुझाव देने की कोशिश की, लेकिन कम समय में कोई ज्यादा सुझाव नहीं दे पाए।
. कृषि विश्वविद्यालय में किसान की फसल की पैदावार बढ़ाने को लेकर शोध होना चाहिए
. बजट के लिए सकारात्मक सुझाव कम से कम दो-तीन माह पहले विधायकों से मौखिक या लिखित रूप में लें
. पिछले वर्ष के बजट में प्रत्येक मद में कुल कितनी राशि प्रस्तावित की गई थी और उसमें कितनी राशि खर्च की गई, इसकी सूची प्रत्येक विधायक को बैठक से पहले देनी चाहिए थी।
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