शादी वाले दिन जब दुल्हन शादी के लिबास में आई तब भी दूल्हे पक्ष को कुछ शक हुआ लेकिन लड़की पक्ष ने कहा कि थाइराइड हो गया है। इसी कारण पेट निकला हुआ लग रहा है। 16 को रिसेप्शन के दिन लड़के के पिता ने फिर यही सवाल लड़की वालों ने किया लेकिन फिर उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि थाइराइड के चलते ऐसा लग रहा है।
17 को शुरू हुई रक्तस्राव तो खुली पोल
17 फरवरी की सुबह दूल्हन को रक्तस्राव शुरू हो गया। दूल्हे की मां ने लड़की के परिजनों से बातचीत करनी चाहिए। फोन लड़की की बहन ने उठाया। दूल्हे की मां ने जब दुल्हन की बहन से इस बारे में पूछा तो उसने कहा कि मासिक धर्म के चलते ऐसा हो गया होगा। लेकिन दूल्हे की मां को शक हुआ कि मासिक धर्म की बात तो 10 दिन पहले ही उन्हें शादी के दिन कही थी। इसी शक पर दूल्हे की मां बहू को लेकर एक प्राइवेट अस्पताल पहुंची। वहां से उसे नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां शाम करीब 4 बजे दुल्हन ने सामान्य प्रसव पीड़ा के बाद स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
पहले भी अंबाला में हो चुकी है घटना
इससे पहले भी अंबाला में ऐसी घटना हो चुकी है। लड़के को शादी के 17वें दिन पता चला कि उसकी पत्नी 7 सप्ताह की गर्भवती है। दरअसल इस मामले में लड़की को सुहागरात वाले दिन ही उल्टियां लग गई थी। दूल्हन ने यह कहकर संबंध बनाने से इंकार कर दिया था कि इसके लिए अभी वह तैयार नहीं है। लेकिन जब दूल्हे ने कुल्लू-मनाली हनीमून पर जाने की प्लानिंग की और दुल्हन को उल्टियां नहीं रूकी तो अस्पताल ले जाया गया।
जहां जांच में पूरे मामले की पोल खुली थी। युवक के परिजनों ने पुलिस में शिकायत देकर धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया था। 13 नवंबर 2019 को इस मामले में युवक की याचिका पर फैमिली कोर्ट ने इस शादी को अमान्य करार दे दिया था।
अस्पताल से रूक्का आया है। दुल्हन ने शाम के समय स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। अभी इस मामले में केस दर्ज नहीं किया गया। जांच के बाद ही इस मामले में कोई भी आगामी कार्रवाई की जाएगी। - सुनीता ढाका, महिला थाना प्रभारी।