15 फरवरी को जींद में होने जा रही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मोटरसाइकिल रैली को लेकर जाटों के समानांतर रैली करने के एलान के बाद मनोहर लाल सरकार अलर्ट हो गई है। सरकार ने सभी पुलिस कर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से 18 फरवरी तक रद्द कर दी हैं। प्रदेश में छुट्टी पर गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
15 फरवरी को जींद में शाह की मोटरसाइकिल रैली प्रस्तावित है, भाजपा और सरकार ने इसे लेकर पूरी ताकत झोंक रखी है। शाह इस रैली के जरिये प्रदेश में 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी बिगुल फूंकने आ रहे हैं। लेकिन, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बीते सोमवार को इसी दिन जींद में समानांतर रैली की घोषणा कर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उन्होंने शाह के सामने रैली टालने के लिए छह शर्तें रखी हैं। इन्हें मानने की शर्त पर भी रैली नहीं होगी। 18 फरवरी को जाट आंदोलन में शहीद हुए लोगों की याद में संघर्ष समिति बलिदान दिवस भी मनाने जा रही है। इस दिन भी कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसे लेकर सरकार सतर्क हो गई है चूंकि, इस दिन पूरे प्रदेश में दिवस मनाने के साथ ही अगले आंदोलन की घोषणा भी जाट करेंगे।
ये है जाट नेताओं का प्लान
Yashpal Malik
- फोटो : File Photo
बलिदान दिवस को लेकर रद्द की छुट्टियां
डीजीपी बीएस संधू का कहना है कि 18 फरवरी को जाटों ने बलिदान दिवस मनाने की घोषणा की है। सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। जींद रैली को लेकर भी अलर्ट हैं। सभी पुलिस कर्मियों की छुट्टी रद्द की हैं।
ये है जाट नेताओं का प्लान
जाट नेताओं का प्लान महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और दादरी से भाजपा की रैली में आने वाले लोगों को भिवानी में रोकने का है तो दिल्ली, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद से आने वाले लोगों को रोहतक में रोकने की योजना है।
इसी प्रकार कुरुक्षेत्र, कैथल, नरवाना, नारनौंद में जाट समाज के लोग जाम जैसी स्थिति बनाकर लोगों को रैली में आने से रोकेंगे। शाह की रैली के दिन ही जींद में जाटों की भाईचारा न्याय यात्रा जाट नेता यशपाल मलिक करेंगे। 18 फरवरी से प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन फिर से शुरू करने की चेतावनी दे रखी है।