हरियाणा में तीसरे चरण के चुनाव परिणाम भी युवाओं के पक्ष में गए हैं। पहले के दो चरणों की भांति तीसरे चरण में भी सवार्धिक युवा चुनकर आए हैं। राज्य चुनाव आयोग के ई-डैसबोर्ड के अनुसार इस चरण में चुने गए सरपंचों की औसत उम्र भी 34 वर्ष आंकी गई है।
पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में मेवात व पलवल जिला में सबसे कम औसतन 33 वर्ष आयु के और रेवाड़ी जिला में सबसे अधिक औसतन 40 वर्ष के सरपंच चुने गए हैं। इनके अलावा अंबाला जिला में चुने गए सरपंचों की औसतन आयु 39 वर्ष, भिवानी में 38 वर्ष, फतेहाबाद में 36 वर्ष, हिसार में 37 वर्ष, जींद में 38 वर्ष, कैथल में 35 वर्ष, करनाल में 36 वर्ष, कुरुक्षेत्र में 37 वर्ष, महेन्द्रगढ़ में 34 वर्ष, पानीपत में 35 वर्ष, रोहतक में 39, सिरसा में 35 वर्ष, सोनीपत में 38 वर्ष और यमुनानगर में भी औसतन 38 वर्ष है।
राज्य में पंचायत चुनावों के तीसरे चरण में स्नातक या उससे अधिक की शैक्षणिक योग्यता वाले कुल 181 सरपंच हैं, जिनमें अंबाला से 11, भिवानी से 16, फतेहाबाद से 10, हिसार से 9, जींद से 8, कैथल से 11, करनाल से 22, कुरुक्षेत्र से 12, महेन्द्रगढ़ से 5, मेवात से 14, पलवल से 7, पानीपत से 7, रेवाड़ी से 4, रोहतक से 4, सिरसा से 16, सोनीपत से 10 और यमुनानगर से 15 सरपंच हैं।
इसी प्रकार, 12वीं पास 205 सरपंच, 10वीं पास 981 सरपंच और 8वीं पास 277 और मात्र एक सरपंच पांचवीं पास चुना गया है। तीसरे चरण के पंचायत चुनावों में 684 महिलाएं सरपंच पद के लिए चुनी गई हैं, जिनमें अंबाला से 69 सरपंच, भिवानी से 58, फतेहाबाद से 37, हिसार से 26, जींद से 32, कैथल से 31, करनाल से 68, कुरुक्षेत्र से 46, महेन्द्रगढ़ से 32, मेवात से 53, पलवल से 19, पानीपत से 18, रेवाड़ी से 25, रोहतक से 9, सिरसा से 44, सोनीपत से 52 और यमुनानगर से 65 महिला सरपंच हैं।
इसके अलावा कुल 959 पुरुष सरपंच पद के लिए चुने गए, जिनमें अम्बाला से 85 सरपंच, भिवानी से 96, फतेहाबाद से 51, हिसार से 42, जींद से 54, कैथल से 44, करनाल से 71, कुरुक्षेत्र से 62, महेन्द्रगढ़ से 40, मेवात से 82, पलवल से 30,पानीपत से 26, रेवाड़ी से 40, रोहतक से 15, सिरसा से 65, सोनीपत से 75 और यमुनानगर से 81 पुरुष सरपंच हैं।