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घर से दूर सेवाएं दे रहे हजारों जेबीटी को अब मिलेगी गृह जिले में नियुक्ति, हरियाणा सरकार ने शुरू की तैयारी

Sun, 10 Jan 2021 02:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा यशपाल शर्मा, चंडीगढ़

सार

  • एक बार भी गृह जिले में तैनात नहीं रहे शिक्षकों को दी जाएगी प्राथमिकता
  • ऑनलाइन तबादलों से पहले रिकॉर्ड जुटा रहा शिक्षा निदेशालय
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ट्रांसफर (सांकेतिक) - फोटो : social media
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विस्तार
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गृह जिले से बाहर ड्यूटी दे रहे जेबीटी (जूनियर बेसिक टीचर) के लिए अच्छी खबर है। 2011 में भर्ती किए गए जेबीटी में से जो भी घर से दूर नौकरी कर रहे हैं, अब उन्हें अपने गृह जिले में नियुक्ति का मौका मिलेगा। इसके लिए हरियाणा सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। नियुक्ति के बाद से अब तक एक बार भी गृह जिले में सेवाएं न देने वाले शिक्षकों को ऑनलाइन तबादलों में प्राथमिकता मिलेगी। तबादलों से पहले मौलिक शिक्षा निदेशालय इनका रिकॉर्ड जुटा रहा है। 

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मौलिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को 2011 में पहले विकल्प के आधार पर नियुक्त जेबीटी का पूरा डाटा भेजने के निर्देश दिए हैं। एक बार पहले भी निदेशालय इनका रिकॉर्ड मांग चुका था, लेकिन सभी जिला शिक्षा अधिकारियों ने नहीं भेजा। अब उन्हें दोबारा से 10 जनवरी तक रिकॉर्ड मुहैया कराने को कहा गया है। रिकॉर्ड न देने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

ये जानकारी देनी होगी

  • वर्ष 2011 में कुल कितने शिक्षकों को जिला आवंटित किया गया
  • पहले विकल्प के आधार पर कितने जेबीटी को गृह जिला मिला
  • पहले विकल्प के आधार पर कितने जेबीटी को गृह जिला नहीं मिला

नंबर कम होने के बावजूद मिलेगी वरीयता

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घर से दूर सेवारत जेबीटी के नंबर भी अगर एमआईएस पोर्टल पर कम होंगे तो भी उनका तबादला पहली वरीयता के आधार पर गृह जिले में किया जाएगा। जो पहले से गृह जिले में तैनात हैं या सेवाएं दे चुके हैं, उन्हें पद खाली होने पर दूसरी प्राथमिकता के आधार पर गृह जिला मिलेगा। 

2011 में भरे गए थे 8401 पद
2011 में हरियाणा में जेबीटी के 8401 पद भरे गए थे। इनमें से बड़ी संख्या में जेबीटी को पहले विकल्प के बावजूद गृह जिला नहीं मिला। हिसार के जेबीटी को पलवल, पानीपत व अन्य जिले मिले। अधिकांश शिक्षक तब से उन्हीं जिलों में हैं। चूंकि, एमआईएस पोर्टल पर इनके नंबर कपल केस, महिला व ज्यादा योग्यता वाले जेबीटी से कम रह जाते हैं।

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