बता दें कि 25 अगस्त 2017 को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया था। इस फैसले के बाद पंचकूला के बाद सिरसा में भी हिंसा हुई थी। शहर में धारा 144 लागू थी। डेरा प्रेमियों ने मिल्क प्लांट व बेगू बिजली घर को आग लगा दी थी। इसके बाद जगदंबे पेपर मिल के पास हिंसा हुई थी। जब डेरा प्रेमी शहर की ओर बढ़ रहे थे तो पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें 6 डेरा प्रेमी मारे गए थे।
कीर्तिनगर चौकी प्रभारी शैलेंद्र कुमार की शिकायत पर डेरा प्रेमियों के खिलाफ धारा 188, 147, 148,149, 307, 124ए, 435, 332, 353, 186, 120बी, 109 आईपीसी, आर्म्स एक्ट 25, 54, 59 के तहत मामला दर्ज किया गया था। सरकारी पक्ष ने अभियुक्तों को चार्ज फ्रेम की बहस के दौरान चार्जशीट करने का अनुरोध किया था। पुलिस ने मामले में 900 पेजों का चालान पेश किया था। इसमें 69 लोगों को गवाह बनाया गया था। 6 नवंबर 2017 से आरोपियों पर कोर्ट में आरोप तय होने शुरू हुए थे। अधिकतर आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई थी।