हरियाणा में पंचायती राज चुनाव तय समय पर होंगे। कोरोना के कारण चुनाव को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। प्रदेश सरकार 55 हजार मीट्रिक टन बाजरा और खरीदेगी। गुरुवार को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के निवास पर सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक में ये निर्णय लिए गए।
गठबंधन सरकार में यह पहली बार है जब डिप्टी सीएम के निवास पर मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक हुई और सीएम भी पहुंचे। बैठक में यह चर्चा हुई कि फरवरी में पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। सरकार उससे पहले चुनाव को तैयार है। जनवरी महीने में चुनाव कराए जा सकते हैं। सरकार ने राज्य चुनाव आयोग को पंचायती राज चुनाव कराने के लिए पत्र लिख दिया है।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में आगामी पंचायत चुनाव, रबी फसलों की खरीद व्यवस्था आदि विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पंचायत चुनावों को समय पर करवाया जाए और इसके लिए सरकार ने चुनाव आयोग को पत्र भी लिख दिया है।
आगामी फसलों की खरीद बेहतर तरीके से करने के लिए बैठक में चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार जरूरत पड़ने पर खरीद केंद्रों को बढ़ाया जाएगा। ये अभी 1800 के करीब हैं। इस बारे में सब मंत्रियों ने अपने-अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए क्योंकि, हरियाणा सरकार बड़ी मात्रा में सरसों की खरीद करती है।
दुष्यंत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने साढ़े सात लाख मीट्रिक टन बाजरे की ऐतिहासिक खरीद की है। 55 हजार मीट्रिक टन और बाजार खरीदने की अनुमति दे दी गई है। सरकार ने कपास, दाल, मक्का, मूंगफली की भी खरीद एमएसपी पर की। उन्होंने कहा कि आगामी छोटी फसलों की भी सरकार उचित ढंग से खरीद करेगी।