एक निर्दलीय विधायक रणजीत चौटाला भी अपनी जगह बनाने में कामयाब हुए हैं। वहीं, मनोहर सरकार में मंत्री रहे अनिल विज, कमलेश ढांडा, संदीप सिंह और ओमप्रकाश यादव को सैनी सरकार के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है।
राजभवन में मंगलवार शाम को शपथ लेने वालों में सबसे पहले हिसार के विधायक कमल गुप्ता ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर संस्कृत में शपथ ली। वह मनोहर सरकार में भी कैबिनेट मंत्री थे। उसके बाद फरीदाबाद के बड़खल से विधायक सीमा त्रिखा ने राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर पर शपथ ली। वह पंजाबी समुदाय से आती हैं।
महिपाल ढांडा शपथ लेते हुए।
- फोटो : संवाद
इसके बाद पानीपत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से महिपाल ढांडा, अंबाला शहर के विधायक असीम गोयल, नांगल चौधरी से विधायक अभय सिंह यादव, कुरुक्षेत्र के थानेसर से विधायक सुभाष सुधा, भिवानी के बवानी खेड़ा से विधायक बिशंबर वाल्मीकि और सोहना से विधायक संजय सिंह ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर शपथ ली। इससे पहले 12 मार्च को जगाधरी से विधायक कंवरपाल गुर्जर, बल्लभगढ़ से विधायक मूलचंद शर्मा, लोहारू से विधायक जेपी दलाल, बावल से विधायक बनवारी लाल और रानिया से निर्दलीय विधायक रणजीत चौटाला कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ले चुके हैं।
ऐसे साधा जातीय समीकरण
मंत्रिमंडल विस्तार में जाट के साथ वैश्य, पंजाबी, पिछड़ा और अनुसूचित वर्ग को साधने की कोशिश की गई है। इस बार वैश्य समुदाय के दो मंत्री हैं। हिसार के कमल गुप्ता और अंबाला के असीम गोयल। इसके अलावा पंचकूला से विधायक ज्ञानचंद गुप्ता विधानसभा अध्यक्ष हैं। मनोहर सरकार में दुष्यंत व बबली को मिलाकर पांच जाट विधायक थे। सैनी सरकार में इस वर्ग से दो कैबिनेट व एक राज्य मंत्री है। रणजीत सिंह चौटाला, जेपी दलाल और महिपाल ढांडा।
मनोहर लाल के हटने के बाद पार्टी ने उनकी कमी को पूरा करने के लिए पंजाबी समुदाय से सीमा त्रिखा व सुभाष सुधा को जगह मिली है। ओबीसी कोटे से मुख्यमंत्री नायब सैनी के अलावा कंवरपाल गुर्जर और अभय सिंह यादव मंत्री हैं। अनुसूचित जाति से बनवारी लाल और बिशंबर वाल्मीकि को मंत्री बनाया गया है। गुर्जर व राजपूत विवाद के बाद से नाराज राजपूतों को मनाने के लिए सोहाना के विधायक संजय सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। मूलचंद शर्मा ब्राह्मण समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं।
क्षेत्रीय समीकरण में जीटी बेल्ट को मजबूत किया
जीटी बेल्ट में आने वाले शहर में भाजपा का बड़ा वोट बैंक है। पार्टी ने इसी को ध्यान में रखते हुए जीटी बेल्ट को और मजबूत कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अंबाला के रहने वाले हैं और नारायणगढ़ से विधायक रह चुके हैं। अब वे करनाल से विधानसभा उपचुनाव भी लड़ेंगे। जगाधरी से कंवरपाल गुर्जर कैबिनेट मंत्री हैं। इनकी हैसियत सैनी सरकार में नंबर-2 की है। अंबाला से असीम गोयल, थानेसर से सुभाष सुधा और पानीपत से महिपाल ढांडा को मंगलवार को मंत्री परिषद में शामिल किया गया है। पलवल, सोनीपत, कैथल, फतेहाबाद व जींद में भाजपा के विधायक हैं, मगर यहां से किसी को जगह नहीं मिली। एनसीआर से मूलचंद शर्मा व सीमा त्रिखा मंत्री बनी हैं। अहीरवाल से डॉ. बनवारी लाल, अभय सिंह यादव, संजय सिंह और जेपी दलाल मंत्री बनाए गए हैं। रोहतक, झज्जर, सिरसा, नूंह व चरखीदादरी में भाजपा के विधायक नहीं है।