पंचायत चुनाव के बाद हरियाणा में अब निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसका बिगुल भी बहुत जल्द बज जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस संदर्भ में राज्य चुनाव आयोग को संकेत दे दिए हैं। सात जनवरी के बाद कभी भी निकाय चुनाव की घोषणा हो सकती है।
दो दिन पहले सरकार ने कैबिनेट की बैठक में निकाय चुनाव में शैक्षणिक योग्यता की शर्त का जो निर्णय लिया है, उसका आर्डिनेंस लाने के लिए मंथन चल रहा है। कानूनी सलाह के लिए फाइल विधि विभाग के पास पहुंच गई है। राज्य चुनाव आयोग दोनों चुनाव में 30 से 35 दिन के अंतराल को मान कर चल रहा है।
हरियाणा में 28 जनवरी को पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो रही है। सरकार की मंशा है कि मार्च में बजट सत्र में सरकार उलझ जाएगी। हैपनिंग हरियाणा समिट भी इसी दौरान गुड़गांव में होनी है। लिहाजा, 15 फरवरी से पहले निकाय चुनाव करवाने की तैयारियां की जा रही हैं।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक विकास गुप्ता की मौजूदगी में वीरवार को नगर पालिका और परिषद के प्रधान पदों के लिए सीटों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस अवसर पर संबंधित जिलों के उपायुक्त और निकाय के सचिव भी मौजूद थे।
23 महिलाओं को सीट मिलना तय
शहरी निकाय विभाग ने ड्रा के माध्यम से आरक्षित सीटों की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके तहत 23 पालिकाओं और परिषदों में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित होगी, जिसमें नौ सीटें एससी वर्ग की महिलाओं व चार सीटें बीसी वर्ग की महिलाओं केलिए आरक्षित होंगी। अन्य सीटों पर सामान्य वर्ग की महिलाओं को मौका मिलेगा।
एससी वर्ग के लिए आरक्षित
टोहाना, कालांवाली, नारायणगढ़, होडल, रतिया, निसिंग, बरवाला, तरावड़ी और नरवाना।
बीसी वर्ग के लिए आरक्षित
सोहाना, फिरोजपुर झिरका, नारनौल और पुन्हाना।
सामान्य वर्ग के लिए
राजौंद, झज्जर, सिरसा, हांसी, गोहाना, चीका, नूंह, बहादुरगढ़, उचाना, लाडवा।
यहां सामान्य श्रेणी के होंगे उम्मीदवार
हरियाणा की अन्य 20 सीटों नरवाना, जींद, थानेसर, दादरी, शाहबाद, भिवानी, नांगल चौधरी, पिहोवा, कैथल, सफीदों, धारूहेड़ा, महेंद्रगढ़, असंध, समालखा, बावल, महम, ऐलनाबाद, गन्नौर और होडल सहित एक अन्य सीट को सामान्य श्रेणी में रखा गया है।