महेंद्रगढ़ में सरसाें की फसल पर जमी बर्फ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल)
देश में दूसरे नंबर सरसों का उत्पादन करने वाले हरियाणा में इस बार पाले की मार से पैदावार पर जबरदस्त असर पड़ेगा। राज्य में कई जिलों में 80 से 90 प्रतिशत तक सरसों की फसल पाला पड़ने से खराब होने की सूचनाएं मिल रही है। हालांकि प्रदेश सरकार के आदेश पर कृषि विभाग ने अभी तक जो सर्वे किया है उसके अनुसार 13 जिलों में कई जगहों पर 75 प्रतिशत तक फसल प्रभावित हुई है।
हरियाणा के 13 जिलों में करीब 16 लाख एकड़ क्षेत्र में सरसों की फसल की गई है। इसमें से करीब साढ़े 10 लाख एकड़ फसल पाले से प्रभावित हुई है। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला दो दिन पहले रबी की फसलों में हुए नुकसान की पांच फरवरी से सामान्य गिरदावरी कराने की घोषणा कर चुके हैं।
इसमें किसानों को राज्य सरकार की नीति के तहत 12 हजार से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा दिया जाएगा। देश में कुल सरसों उत्पादन में राजस्थान नंबर एक पर काबिज है। देश के कुल सरसों उत्पाद में से 40.82 फीसदी पैदावार सिर्फ राजस्थान में होरी है। इसके बाद हरियाणा दूसरे पर है, जहां 13.33 प्रतिशत सरसों पैदावार की जाती है। हरियाणा के मुकाबले क्षेत्रफल में सबसे बड़े राज्यों में से मध्य प्रदेश में 11.76 फीसदी, यूपी में 11.40 और पश्चिम बंगाल की 8.64 फीसदी सरसों की पैदावार होती है।
जिला कुल एकड़ 25 प्रतिशत तक 26-50प्रतिशत 51-75 प्रतिशत खराबा एकड़
- हिसार 211556 198337 0 0 198237
- फतेहाबाद 63281 44386 17661 0 62046
- सिरसा 197106 82745 1235 0 83980
- भिवानी 364498 137201 63798 0 200999
- रोहतक 38557 1457 0 0 1457
- झज्जर 75459 8055 0 0 8055
- पलवल 1338 8694 0 0 8694
- कैथल 7410 4565 0 0 4565
- अंबाला 12819 450 0 0 450
- जींद 37050 35198 0 0 35198
- महेंद्रगढ़ 222572 157643 39273 17290 214206
- रेवाड़ी 176679 74100 0 0 71100
- चरखी दादरी 169146 107519 5009 0 112528
- कुल 1589470 860249 126975 17290 1004514
एक हजार क्विंटल सरसों बीज तैयार करेगा बीज विकास निगम
केंद्र सरकार खाद्य तेल के मामले में आत्मनिर्भर बनने पर जोर दे रही है। इसे सफल बनाने के लिए सरसों की उपज बढ़ाने पर हरियाणा बीज विकास निगम का विशेष फोकस है। निगम ने इस साल उच्च गुणवत्ता का एक हजार क्विंटल सरसों बीज तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इनमें तीन साल पुराने सरसों की तीन किस्मों आरएच-725, 761 और 749 के बीज शामिल हैं। ये बीज निगम के हिसार, सिरसा और टोहाना क्षेत्रीय केंद्रों में तैयार किए जा रहे हैं और किसानों को सितंबर में निगम के 80 अधिकृत बिक्री केंद्रों से मिलेंगे।