हरियाणा सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के सभी कर्मचारियों को एक जनवरी से दो हजार रुपये प्रतिमाह अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह अंतरिम राहत विभिन्न सरकारी विभागों में नियमित आधार पर कार्यरत केवल तृतीय तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को ही दी जाएगी। इसका भुगतान जनवरी, 2014 के वेतन के साथ फरवरी में किया जाएगा।
यह अंतरिम राहत सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की तारीख से बंद कर दी जाएगी। यह राहत न वेतन, न भत्ता और न ही मजदूरी के रूप में मानी जाएगी।
इस राशि की गणना किसी भी सेवा लाभों, जैसे मकान किराया भत्ता, प्रतिपूरक भत्ता, ओवरटाइम भत्ता, नकद मुआवजा, छुट्टी के बदले नगद भुगतान, वेतन निर्धारण, महंगाई भत्ता, पेंशन या ग्रेच्युटी इत्यादि में नहीं की जाएगी।
कर्मचारी की प्रथम या द्वितीय श्रेणी के किसी पद पर नियुक्ति या पदोन्नति होने पर अंतरिम राहत खुद बंद हो जाएगी।