मंत्रिमंडल ने हरियाणा चिकित्सा सेवा निगम गठित करने को मंजूरी दी है। यह निगम दवा खरीदने के अलावा अस्पतालों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम भी करेगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह निगम सरकारी मेडिकल कालेज, पीजीआई रोहतक समेत सब स्वास्थ्य संस्थानों के लिए दवा खरीदने का काम करेगा।
दवाओं का भंडारण और सप्लाई सुनिश्चित करेगा। यह निगम सब संस्थानों के लिए चिकित्सा उपकरणों की खरीद करेगा और उनका रख रखाव सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने बताया कि यह निगम अस्पताल सेवाओं के क्रियान्वयन के लिए इन-हाउस और साझेदारी में विशेषज्ञता का निर्माण करेगा। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग से अनुसंधान एवं विकास समेत अस्पतालों के भवनों के निर्माण और रखरखाव जैसी ढांचागत सुविधाएं सृजित भी करेगा।
यह निगम 10 करोड़ रुपये की अधिकृत शेयर पूंजी के साथ गठित होगा। सरकार 5 करोड़ रुपये की पूंजी देगी। इसके गठित होने से दवाओं की कमी दूर होगी और दवाओं को खराब होने से बच सकेंगी।
दवा आपूर्तिकर्ता की समय पर अदायगी होगी। सरकारी चिकित्सा संस्थानों में दवाओं की नियमित एवं निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी और गुणवत्ता बढ़ेगी। निगम स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर परिणामों के लिए पूर्वानुमान, योजना बनाने और क्रियान्वयन में अपना सहयोग देगा।
यह दवाओं और उपकरणों की खरीद कम से कम दामों पर करना सुनिश्चित करेगा क्योंकि निगम इसके लिए अलग से कार्य प्रणाली बनाएगा, जिसमें खरीद, वितरण, व्यवस्था एवं रख रखाव के बेहतर प्रबंध के लिए विशेषज्ञ होंग।
निगम सब खरीद करने के लिए स्वतंत्र होगा और उसे हाई पावर परचेज कमेटी से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक जनवरी से अस्पतालों, मेडिकल कालेजों और हेल्थ
यूनिवर्सिटी में मरीजों को 600 दवा मुफ्त मिलेंगी। अस्पताल की स्थिति के
अनुसार लैब टेस्ट मुफ्त होंगे और अधिकतर सर्जरी भी मुफ्त होंगी। इसकी घोषणा
गोहाना रैली में की गई थी।