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सोनीपतः मंत्री कविता जैन जिन घपलों में कार्रवाई को लिए धरने पर बैठीं, अब उनकी ही फाइलें दबाईं

Mon, 10 Dec 2018 09:57 AM IST
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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हरियाणा की मंत्री कविता जैन
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सत्ता में आने से पहले जिन घपलों में कार्रवाई के लिए मंत्री कविता जैन और राजीव जैन ने धरने दिए थे, मंत्री पद मिलने के बाद उन फाइलों को हो भूल गए। आरोप लगने के बाद कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही 2014 में अफसरों ने जांच कर इन मामलों में गड़बड़ी बता रिपोर्ट तैयार की थी। भ्रष्टाचार खत्म करने का वादा कर सत्ता में आने वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में ये फाइलें ही दब गईं। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री बनने के चार साल बाद भी कविता जैन को इन फाइलों की याद नहीं आई है। कविता जैन से इस बारे में बात की तो खुद को अभी व्यस्त बताते हुए मामले में चुप्पी साध गईं।
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भ्रष्टाचार के ये थे आरोप
- वैध होने के लिए प्रस्तावित क्षेत्रों में नगर परिषद ने गलियों और भवनों का निर्माण करवा सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया
- अवैध कॉलोनियों में भवन बनवाने के नाम पर लाखों रुपये लेने के साथ-साथ एक साल में तैयार सभी गलियों के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल
- निर्मित गलियों के क्षेत्रफल में फुटपाथ भी नापकर गड़बड़ी कर करोड़ों रुपये का खेल किया
- वैध कॉलोनियों में विकास कार्य नहीं करवाए, अवैध कॉलोनियों में 30 से ज्यादा गलियों का निर्माण कर दिया
- नगर परिषद से नो ड्यूज देने के लिए हाउस टैक्स में करोड़ों रुपये का घपला किया
- साथ ही रिहायशी क्षेत्र मॉडल टाउन, कच्चे क्वार्टर, एटलस रोड पर कॉमर्शियल भवनों के निर्माण करा करोड़ों रुपये का हेरफेर
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घपलों की जांच नहीं होने पर दिया था धरना

2015 से पहले सोनीपत नगर परिषद था, बाद में नगर निगम बना। 2012 में तत्कालीन नगर परिषद के वार्ड 2 से पार्षद रवींद्र दिलावर और वार्ड 21 से पार्षद सुनैना भारद्वाज ने नगर परिषद अधिकारियों पर घपलों का आरोप लगा एसडीएम और डीसी को शिकायत दी थी।

भाजपा पार्षदों के आरोप लगाने के बाद भी अफसरों ने जांच नहीं करवाई तो पार्षदों और अन्य ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। तब तत्कालीन शहर विधायक कविता जैन और राजीव जैन भी वहां पहुंचे और धरने पर बैठे थे। कविता जैन ने अपने भाषण में भी बड़े-बड़े दावे किए और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

जनवरी 2014 में तत्कालीन एसडीएम वीरेंद्र लाठर ने मामले की जांच रिपोर्ट डीसी डा. चंद्रशेखर को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में अधिकतर आरोप सही पाए गए थे और कुछ में नए सिरे से जांच कराने के लिए कहा गया था। नगर परिषद में घपले की बात उजागर करने वाली जांच रिपोर्ट आज भी मौजूद है।
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भाजपा सरकार बनते ही दबी रिपोर्ट

एसडीएम की जांच रिपोर्ट देने के बाद भी कई बार भाजपा नेताओं ने कार्रवाई के लिए मुद्दा उठाया। वर्ष 2014 में प्रदेश में सरकार बदल गई और भाजपा की सरकार बनने के बाद शहरी स्थानीय निकाय मंत्रालय की जिम्मेदारी कविता जैन को मिली। उनके पति राजीव जैन भी अब सीएम के मीडिया सलाहकार हैं। मंत्री कविता जैन के अपने ही विभाग में घपले की वह फाइल चार से दबी पड़ी है, जिस मामले में उन्होंने खुद धरना प्रदर्शन किया था।

फाइल दबी होने की बात सुनकर कहा - अभी व्यस्त हूं, बाद में बात करूंगी
पूरे मामले में जब मंत्री कविता जैन से बात की तो उन्होंने लगभग एक मिनट तक घपले से लेकर धरने और आंदोलन की बात सुनी। जब उनसे इस मामले की फाइल अब क्यों दबी होने की बात पूछी गई तो मंत्री कविता जैन ने कहा कि वह अभी व्यस्त है और वह इस बारे में बाद में बात करेंगी।
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