स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एचएमएससीएल (हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड) में तैनात दो डॉक्टरों को बदल दिया है। यह वह महकमा है जहां पर कोरोना के समय में पीपीई किट तथा अन्य उपकरणों की खरीद हुई है। विज का कहना है कि डॉक्टरों को इसलिए बदला गया है कि वे यहां पर लंबे समय से तैनात थे। कार्रवाई कुछ दिन पहले की है, लेकिन चर्चा में अब आई है।
एचएमसीएल वह महकमा है जहां पर कोरोना के समय में पीपीई किट, मास्क, थर्मामीटर से लेकर अन्य उपकरणों की खरीद विभिन्न कंपनियों के माध्यम से की गई। हरियाणा के विभिन्न जिला अस्पतालों में यह उपकरण यहीं से भेजे जाते हैं। हालांकि यह खरीद ई टेंडर के माध्यम से होती है। कोरोना के समय लाकडाउन होने के कारण सभी टेंडर भी ई टेंडरिंग के माध्यम से ही हुए, लेकिन विभाग में अचानक घटे इस घटनाक्रम की स्वास्थ्य विभाग में खासी चर्चा है।
मालूम हो कि एचएमएससीएल में खरीद को लेकर एक राज्य स्तरीय कमेटी है बनाई है। जिसका चेयरमैन स्वास्थ्य मंत्री होता है, लेकिन सूत्रों की मानें तो किसी भी मीटिंग को मंत्री शामिल नहीं हुए। कोरोना संकट में जो भी खरीद हुई है। उसकी अध्यक्षता अधिकारी ही करते रहे हैं। यह बात अलग है कि अनिल विज समय समय पर अधिकारियों को यह चेताते रहे हैं कि खरीद तय मानकों पर ही की जाए। पिछले दो माह में अनिल विज ने लगातार यह बयान भी दिया है कि सिट्रा एप्रूव्ड किट की ही खरीद की जाए।
मैंने दो डॉक्टरों को बदला है। जिसके पीछे कारण यह है कि यह लंबे समय से एक ही जगह टिके हुए थे। कई बार ऐसा होता है कि समय लंबा होने के कारण पार्टियों से रिलेशन बन जाते हैं। एहतियात के तौर पर ऐसा किया गया है।
- अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा