बहुचर्चित मानेसर लैंड स्कैम पंचकूला में सीबीआई की विशेष कोर्ट में हुई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत सभी 34 आरोपी पेश होने आए। सोमवार को हुई सुनवाई में आरोपों पर बहस हुई।
सीबीआई द्वारा कोर्ट में आरोपी अतुल बंसल को लेकर एफिडेविट जमा करवाया गया। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी। पिछली सुनवाई के दौरान मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा सहित सभी आरोपियों पर बचाव पक्ष की ओर से लगाए आरोपों पर बहस पूरी हो चुकी थी।
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी। अब इस मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
ये है मामला
अगस्त 2014 में निजी बिल्डरों ने हरियाणा सरकार के अज्ञात जनसेवकों के साथ मिलीभगत से गुरुग्राम जिले में मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और भूस्वामियों को अधिग्रहण का भय दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन सस्ते दामों में खरीद ली थी। कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार सरकार पर करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करके उसे औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप है।
सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं मामले के आरोपी भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। चार्जशीट में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अलावा एमएल तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लों, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित कई बिल्डरों के नाम हैं। मानेसर लैंड स्कैम में सीबीआई ने पूर्व सीएम सहित 34 के खिलाफ 17 सितंबर 2015 को मामला दर्ज किया था।
इस मामले में ईडी ने भी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। ईडी ने हुड्डा और अन्य के खिलाफ सीबीआइ की एफआईआर के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया था।