केंद्र और हरियाणा सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर इतनी जबर्दस्त रही कि कांग्रेस सरकार के तीन चौथाई मंत्री और नब्बे फीसदी सीपीएस अपना किला भी नहीं बचा सके। नरेंद्र मोदी की सुनामी में नौ मंत्री और नौ मुख्य संसदीय सचिवों के विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के परखच्चे उड़ गए।
ऐसी सुनामी चली कि कांग्रेस के 25 विधायकों, इनेलो के 17 विधायकों, पांच निर्दलीय और एक बसपा विधायक के क्षेत्र से भाजपा जीत गई। भाजपा के चारों विधायकों के क्षेत्रों में भाजपा विजयी रही।
मंत्री कैप्टन अजय यादव, रणदीप सुरजेवाला, सतपाल सांगवान, राव नरेंद्र सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, सावित्री जिंदल, आफताब अहमद, शिवचरण शर्मा, सुखबीर कटारिया के विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस बुरी तरह हारी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके चार मंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा, परमवीर, गीता भुक्कल और किरण चौधरी ही अपने क्षेत्रों में कांग्रेस की इज्जत बचा सके हैं।
दस में से नौ मुख्य संसदीय सचिवों अनीता यादव, राव दानसिंह, जलेबखान, प्रह्लाद सिंह गिल्लाखेड़ा, रामकिशन फौजी, शारदा राठौर, सुलतान जाडौला, रामकिशन गुर्जर, विनोद भ्याना के हलकों में भी कांग्रेस हारी। सिर्फ एक सीपीएस जयवीर वाल्मीकि के हलके में ही कांग्रेस जीत पाई।