पंचकूला के सेक्टर-25 स्थित पुलिस परिसर मोगीनंद में हरियाणा के लोकायुक्त जस्टिस प्रीतमपाल ने तीन किताबों का विमोचन किया। उन्होंने आईपीएस राजबीर देसवाल की ‘नवरचना अन्टा- कहानी एक जमाने की’ किताब का विमोचन कर कहा कि किताब अन्टा गागर में सागर है और यह सिर्फ अन्टा गांव की ही नहीं बल्कि हम सभी की पृष्टभूमि से जुड़ी है। इस मौके पर उन्होंने रोशन वर्मा की पुस्तक हरियाणवी सिनेमा और डॉ.दिनेश दधीचि की पुस्तक काश! देख पाते हम का भी विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की बोली, संस्कारों व रीति-रिवाजों को संजोने के लिए राजबीर देसवाल, रोशन वर्मा और डॉ. दधीचि को बधाई दी। निरंतर लेखन से सृजित राजबीर देसवाल की कृतियों में हीर-मेनका-द सिडक्ट्रेस, मॉल वॉच, लटके-झटके, हॉली पोल, मॉय ओन खजुराहो, कोई मेरा अपना सा, पूरब-पश्चिम, बारिशें गिरती रहीं, कल्चर: ब्राइट एंड डार्क, मेरा अपना खजुराहो, तारों के जंगल, विट एंड ह्यूमर ऑफ हरियाणा, रहगुजर, धनक रंग व कन्संर्स शामिल हैं। इस मौके पर जस्टिस राज राहुल गर्ग, चन्द्र कौमुदी, सागर देसवाल, नीलम प्रदीप कासनी, डॉ. केपी सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, साहित्य क्षेत्र के प्रतिनिधि लेखक और कवि मौजूद रहे।