देश की दो महिला आईएफएस अधिकारियों ने एक आईएएस अफसर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसके पीछे की वजह भी पता चल गई है, जो काफी शर्मनाक है। दरअसल, आईएएस पर उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। इसलिए दोनों अफसरों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। मामला हरियाणा का है। दो आईएफएस अधिकारियों ने वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आईएएस एसके गुलाटी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
फरीदाबाद में तैनात 2008 बैच की आईएफएस अधिकारी रेंजिथा एमएच ने एसके गुलाटी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखा है। गुड़गांव में तैनात एक अन्य आईएफएस अफसर विनोद कुमार ने भी एसके गुलाटी की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर फॅारेस्ट (पीसीसीएफ) पीपी भोजवैद्य को पत्र लिखा है। इस मोर्चाबंदी को लेकर एसके गुलाटी ने भी बातचीत में अपना पक्ष मजबूती से रखा है। ये पत्र ब्यूरोक्रेसी में चर्चा का विषय बन गए हैं।
महिला आईएफएस ने पत्र में लिखा है कि उक्त अधिकारी को यदि कुछ कहना है तो वह व्यवस्था के तहत तय माध्यम से अपनी बात कह सकते हैं। उनके साथ सीधे संवाद की आवश्यकता नहीं है। वैसे भी तकनीकी तौर पर पीसीसीएफ विभाग के मुखिया हैं। महिला आईएफएस ने कहा कि फोन पर इस्तेमाल शब्दों से मुझे अपमानित होना पड़ा है। मेरे दो बच्चे हैं। मानसिक प्रताड़ना के चलते उनकी परवरिश प्रभावित हो रही है। मेरे घर के वातावरण पर भी इसका असर पड़ रहा है।