केंद्र सरकार ने जो जुल्म जाटों के साथ किया है उसका वे कड़ाई से विरोध करेंगे। जाट बिरादरी के लोग आरक्षण पाने के लिए अपना दमखम दिखाने को तैयार हैं।
पिछली बार आरक्षण लेने के लिए तीन युवा शहीद हुए थे। अगर आरक्षण दोबारा लागू नहीं किया गया तो तीन की बजाय तीस युवा भी शहीद होने को तैयार हैं। इसके साथ-साथ किसानों के हितों की रक्षा के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू कराने के लिए भी लड़ाई लड़ेंगे।
यह बात जाट नेता महासिंह ने खेड़ी रोड स्थित चौधरी छोटूराम जाट धर्मशाला में आरक्षण को लेकर आयोजित बैठक के दौरान कही। बैठक में किसान नेताओं ने जाट आरक्षण रद्द करने का कड़ा विरोध जताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।