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जाट नेताओं, मंत्रियों के खिलाफ कोर्ट में देशद्रोह का इस्तगासा

Wed, 02 Mar 2016 11:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जाट नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ प्रदेश में दंगे भड़काने, दंगाइयों को उकसाने के आरोप में कोर्ट में देशद्रोह व अन्य कई धाराओं के तहत इस्तगासा दायर किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिखा यादव की कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 5 अप्रैल की तारीख तय की है।
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भाटला निवासी अजय ने अपने वकील एडवोकेट रजत कल्सन के माध्यम से जाट आरक्षण के दौरान फैली जातीय हिंसा के चलते इस्तगासा दायर किया है। इसमें अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक, दलजीत पंघाल, सूबे सिंह समैण, कांग्रेस नेता विरेंद्र सिंह, हवा सिंह सांगवान, जसबीर मलिक, कृष्णमूर्ति हुड्डा, आनंद सिंह दांगी, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को आरोपित किया गया है।

एडवोकेट रजत कल्सन ने बताया कि अजय की तरफ से इस्तगासे में कहा गया है कि जाट समाज के नेता आरक्षण के लिए हुए हिंसक आंदोलन के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पिछले काफी समय से ये लोग हरियाणा में जाट समुदाय के लोगों को आरक्षण के लिए हिंसक आंदोलन करने के लिए भड़का रहे थे।आरोप लगाया गया है कि पूरे प्रदेश में जातीय हिंसा हुई तथा जाट व नॉन जाट समुदायों के बीच वैरभाव पैदा हो गया जो देश की अखंडता के लिए खतरा है।
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आरोप लगाया गया है कि सरकार के मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, ओमप्रकाश धनखड़ व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने जाट नेताओं के साथ साजिश करके पुलिस प्रशासन को काम नहीं करने दिया जिसके चलते जाट समुदाय के लोगों ने पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में आगजनी, तोडफ़ोड़ व लूटपाट की तथा ढाणी पाल में गुर्जर समुदाय के एक युवक की हत्या भी कर दी।
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