हरियाणा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी दीपक बाबरिया ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान ही पार्टी की गुटबाजी सामने आ गई। प्रभारी के सामने ही हुड्डा व शैलजा के समर्थकों ने नारेबाजी की। बाद में पार्टी प्रभारी ने कहा कि यह गुटबाजी नहीं है। यह सिर्फ धारणा का मामला है और लोकतंत्र में इस तरह मामले देखने को मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी में गंभीर मतभेद नहीं है। नारेबाजी अनुशासनहीनता नहीं है, लेकिन पार्टी मीटिंग में इस तरह की बात नहीं होनी चाहिए। बैठक में पांच प्रस्ताव पास किए गए। इनमें एक प्रस्ताव यह भी था कि एक दूसरे पर कीचड़ उछालने और छवि खराब करने वाले नेताओं के खिलाफ पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।
शैलजा ने मंच से ही उससे कहा कि क्या बोला- फिर से बोलो। इतने कहते ही दोनों तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई। बाद में हुड्डा खड़े हुए और उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि कुमारी शैलजा जिंदाबाद के नारे लगाए। इस दौरान कुछ देर के लिए माहौल भी गर्म हो गया। उसके बाद मंच पर बैठे अन्य नेताओं ने लोगों को शांत कराया।
मंच से अपनी बात रखने के बाद शैलजा मीटिंग से चली गई। बाहर निकलते वक्त उन्होंने कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ जाना है। उनकी फ्लाइट है। इस बारे में पार्टी प्रभारी व अन्य लोगों को पहले ही बता दिया था। शैलजा के बाद कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरेजवाला, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपक बाबरिया ने अपनी बात रखी।
घोषणा पत्र पर भी उलझे कांग्रेसी
पत्रकारों से बातचीत में शैलजा ने कहा कि कांग्रेस ने अभी तक कोई घोषणा पत्र जारी नहीं किया है। यदि मीटिंग में कोई नेता लोगों से वादा कर रहा है तो वह कांग्रेस पार्टी का घोषणा पत्र नहीं है। वहीं, बैठक में भी कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि इस तरह की घोषणा नहीं करनी चाहिए। जब हुड्डा की बारी आई तो उन्होंने कहा कि वह पूर्व सीएम हैं और उन्हें पता है कि जनता के बीच जाकर क्या बात करनी चाहिए। बाद में दीपक बाबरिया ने कहा कि जनता के बीच नेताओं को सावधानी बरतनी चाहिए। वरना लोग जुमला समझ लेंगे। जब भी लोगों के बीच जाएं तो उनसे कहें कि उनकी मांगों को घोषणापत्र में शामिल करने की कोशिश करेंगे।