एक आईएएस 26 साल के कार्यकाल में 50 से ज्यादा ट्रांसफर झेल चुका है, फिर भी सुर्खियों में रहता है। अफसर ने अब ऐसा ट्वीट किया है, पढ़कर सभी हिल गए। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट (रेरा) की चेयरमैनी के लिए प्रदेश सरकार के कई अफसर लाइन में हैं। चेयरमैन और मेंबर लगने के लिए रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों से लेकर वर्तमान आईएएस अधिकारी तक चाहत रखे हैं। इनमें कुछ रिटायर्ड सेशन जज भी शामिल हैं।
मलाईदार महकमे में सीट कब्जाने की चाहत रखने वाले इन अधिकारियों ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में आवेदन तो किए हैं, लेकिन उनके आवेदन की भनक लगते ही आईएएस अशोक खेमका ने उन्हें नसीहत दे दी है। दरअसल, इन अफसरों की सूची में कई ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं, जिनकी राबर्ट वाड्रा डीएलएफ लैंड डील में अहम भूमिका रही है। लिहाजा, खेमका की नसीहत इन अधिकारियों को कितना रास आएगी यह देखना होगा।
मालूम हो कि हरियाणा में भी रियल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट (रेरा) 2017 बीते जुलाई माह से लागू हो चुका है। हरियाणा इसे लागू करने वाला 14वां राज्य है। रेरा लागू होने से बिल्डर्स और डेवल्पर्स की मनमानी पर अंकुश लगेगा। प्रमोटरों और अन्य लोगों की ओर से 1874 सुझाव व आपत्तियों के अध्ययन के बाद इसे लागू किया गया है। आवंटी की ओर से प्रमोटर को दिए जाने वाला ब्याज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सर्वोच्च मार्जिनल दर के आधार पर होगा।
नए नियमों के तहत वाणिज्यिक कालोनी में ग्राउंड कवरेज 60 प्रतिशत रहेगी। मिश्रित भूमि उपयोग कालोनी में अधिकतम 50 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की अनुमति होगी।
ऐसे होगा काम
बिल्डरों को खरीदारों से लिया 70 फीसदी पैसा प्रोजेक्ट के अकाउंट में ही रखना होगा। निर्माणाधीन प्रोजेक्ट को तीन महीने में नियामक प्राधिकरण में रजिस्टर्ड कराना होगा, जिन्हें कंपलीशन सर्टिफिकेट नहीं मिला, वह प्रोजेक्ट भी इसमें आएंगे।
खेमका का ट्वीट
खेमका ने ट्वीट के माध्यम से ऐसे अधिकारियों को नसीहत दी है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि लालच की कोई सीमा नहीं होती। अधिकारियों की लंबी लाइन इस पद के लिए लगी है। उन्हें चाहिए कि वे सम्मानजनक ढंग से सेवानिवृत्ति लें।
रेरा में चेयरमैन और मेंबर के लिए विभाग में कई आवेदन आए हैं। जिसमें कई रिटायर्ड अधिकारी और सेवानिवृत्त सेशन जज शामिल हैं।
-अरुण गुप्ता, प्रमुख सचिव टाउन एंड कंट्री प्लानिंग