नागरिक संशोधन बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस ने हिंदुस्तान का बंटवारा धर्म के आधार पर किया था। मुसलमानों को पाकिस्तान दे दिया गया और हिंदुओं के लिए हिंदुस्तान हो गया। यह बात दूसरी है कि बहुत सारे मुसलमान पाकिस्तान नहीं गए और हमने उन्हें अपना लिया। लेकिन आसपास के किसी देश में अगर हिंदू प्रताड़ित होगा तो वह कहां जाएगा? किस देश में जाएगा? 1947 में जो हिंदू पाकिस्तान से हिंदुस्तान में नहीं आ पाए थे और आज वहां पर प्रताड़ित हो रहे हैं, वह अगर हमारे पास आते हैं तो क्या वह शरणार्थी बनकर रहेंगे? क्या हम उनको हम नागरिकता नहीं देंगे? तो इसलिए यह बिल पारित किया गया है कि आसपास के मुस्लिम देशों में जो नॉन मुस्लिम हैं अगर वह कहीं पर प्रताड़ित होते हैं तो हिंदुस्तान ही उनका मूल देश है और हिंदुस्तान में ही उनको नागरिकता प्रदान की जाएगी।