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बड़ा ऐलानः उपद्रवियों का डाटा रिकॉर्ड करेगी पुलिस, दो बड़े नुकसान

Wed, 02 Mar 2016 03:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव मचाने वाले और हिंसा करने वालों का रिकॉर्ड तैयार करने का फैसला लिया गया है। इससे उपद्रवियों को दो नुकसान होंगे।
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एक तो उन पर ताउम्र हजारों लोगों की रोजी रोटी तबाह करने का दाग लगा रहेगा। दूसरा, उन्हें भविष्य में नौकरी लेने में समस्या आएगी। पुलिस प्रशासन की ओर से मामले में आरोपी सभी उपद्रवियों का रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। जैसे-जैसे उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा रहा है, उसकी सारी डिटेल पुलिस प्रशासन अपने पास तैयार कर रहा है।

रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे पुलिस मुख्यालय में भी भेजा जाएगा। जब कभी भविष्य में कहीं उपद्रव होगा तो पुलिस तुरंत प्रभाव से रिकॉर्ड के आधार पर उपद्रवियों को समय रहते काबू कर सकेगी। महकमे ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। यह सारा काम एसपी शशांक आनंद की देखरेख में किया जा रहा है।
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मामले में 10 उपद्रवी गिरफ्तार
जिला पुलिस ने आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ करने वाले 10 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के तहत सिविल लाइन थाना पुलिस ने पुलिस विभाग के पीओ इंचार्ज के बेटे अजय सहित अमृत कॉलोनी निवासी दीपक, राजेश और गांव फरमाना के मोनू को गिरफ्तार किया है। इसी तरह पुलिस ने सलारा मोहल्ला निवासी राहुल, फूल, सुनील को पकड़ा। महम थाना पुलिस ने बलंभा निवासी पवन और रविंद्र उर्फ भोलू को गिरफ्तार किया है।
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उपद्रवियों को सरकारी नौकरी ‌मिलने में आएगी अड़चन

भविष्य में किसी अनहोनी से निपटने के लिए यह कवायद की जा रही है। भविष्य में कोई भी जांच एजेंसी फाइल में से उपद्रवियों की डिटेल हासिल कर सकेगी। रिकॉर्ड तैयार करने के लिए एक विशेष टीम भी गठित कर दी गई है।

यह टीम रोजाना की गिरफ्तारी के हिसाब से रिकॉर्ड तैयार कर रही है। इतना ही नहीं जिन उपद्रवियों को मामले में गिरफ्तार किया जाएगा उन्हें सरकारी नौकरी ज्वाइन करने में भी परेशानी हो सकती है।

प्रदेशस्तर पर बन रही लिस्ट
उपद्रवियों की प्रदेश स्तर पर लिस्ट तैयार की जा रही है। इसके लिए सभी पुलिस थानों, चौकियों और पुलिस के विशेष स्टाफ की तरफ से डिटेल दी जा रही है। हालांकि अभी तक अधिकतर उपद्रवी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।

उपद्रव में नुकसान की अभी तक जिलेभर में 674 एफआईआर दर्ज की गई हैं। थानों में रोजाना 10 से 15 एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। पुलिस कर्मियों को शिफ्ट के हिसाब से ड्यूटी पर लगाया जा रहा है।
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