पिछले साल आरक्षण आंदोलन के बीच हुईं उपद्रव की घटनाओं के एक साल बाद हरियाणा में जहां एक ओर बलिदान दिवस मनाने की तैयारी है, वहीं सरकार भी हालात से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध के दावे कर रही है। पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए 19 फरवरी को सभी 20 जिलों में हाईवे, रेल ट्रैक और रेलवे स्टेशनों सहित तमाम सार्वजनिक स्थलों पर विशेष चौकसी होगी। सुरक्षा इंतजाम के तहत प्रदेश में सुरक्षा बलों की 37 कंपनियां तैनात की गई हैं। दूसरी तरफ अधिकारी और नेता किसी भी सूरत में माहौल खराब न हो, इसे लेकर रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
रविवार को होने होने वाले आयोजनों के दौरान किसी तरह की अनहोनी की आशंका से सरकार के माथे पर शिकन जरूर है, लेकिन माना जा रहा है कि 20 को सरकार की कमेटी और जाट संगठनों के बीच पानीपत में होने वाली वार्ता में लिए जाने वाले निर्णय से ही आंदोलन का रुख तय होगा।
एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) मो. अकील ने बताया कि रविवार को होने वाले आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा की सभी तैयारियां की जा चुकी हैं। कि रविवार को माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। इसके लिए संगठनों ने पहले ही आश्वासन दिया है। एडीजीपी ने भरोसा दिलाया है कि इस दौरान हाईवे पर सफर करने वालों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। रेलवे स्टेशन, हाईवे और रेलवे ट्रैक की सुरक्षा में भी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जा चुकी है।