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हजारों सरकारी कर्मियों के लिए सरकार का बड़ा फरमान

Sun, 22 Nov 2015 12:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अपने सभी सरकार कर्मचारियों के लिए हरियाणा सरकार ने बहुत बड़ा फरमान जारी किया है। इसके अनुसार, सरकारी कर्मचारियों के किसी भी प्रकार के धरना, हड़ताल, प्रदर्शन में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने इसके लिए कर्मचारियों के सामूहिक और आकस्मिक अवकाश को भी स्वीकृत नहीं किए जाने का निर्णय लिया है।
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सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से शनिवार को इस आशय का एक परिपत्र सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, बोर्ड व निगमों के प्रबंध निदेशकों एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और राज्य के विश्वविद्यालयों के कुल सचिवों को जारी कर परिपत्र की अनुपालना करने को कहा है।

परिपत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार विभिन्न कर्मचारी संघों व एसोसिएशन से प्राप्त होने वाली जायज मांगों का समय-समय पर निपटान करती रहती है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी हड़ताल पर जाने को कर्मचारियों के निर्धारित आचरण नियमों के अंतर्गत गलत ठहराया है और ऐसा करने वाले कर्मचारियों के साथ नियमों के तहत सख्ती से निपटे जाने की आवश्यकता बताई गई है।
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परिपत्र में विभाग ने सरकारी आरचण (नियम)1966 के नियम 7 व 9 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि इन नियमों में भी किसी कर्मचारी को हड़ताल में भाग न लेने का उल्लेख किया गया है। परिपत्र में आगे कहा गया है कि कर्मचारी यूनियन या एसोसिएशन का गठन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के अधिकार की गारंटी नहीं है।

कांग्रेस ने सरकार के फैसले का किया विरोध
सरकारी कर्मचारियों के धरना, प्रदर्शन, हड़ताल आदि में हिस्सा लेने पर रोक संबंधी सरकार का फैसला आते ही इसका विरोध भी शुरू हो गया है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने प्रदेश सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए इसे सरकारी कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करार दिया है।

सरकारी आचरण संबंधी नियम का दिया हवाला
हरियाणा के सामान्य प्रशासन विभाग ने कर्मचारियों के हड़ताल आदि में भाग लेने को गलत ठहराते हुए सरकारी आचरण (नियम) 1966 के नियम 7 व 9 में निहित प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा है कि कर्मचारी यूनियन या एसोसिएशन का गठन किया जाना, हड़ताल पर जाने के अधिकार की गारंटी नहीं माना जा सकता।
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