पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर शुक्रवार को हरियाणा सरकार ने प्रदेश में कुशल और अकुशल मजदूरों को बढ़े वेतनमान का तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी 6536 मासिक से बढ़ाकर 9699 रुपये और अकुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी 5900 मासिक से बढ़ाकर 7600 रुपये मासिक किए जाने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित किसान भवन में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तत्वावधान में हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित नई शिक्षा नीति राज्य स्तरीय परामर्श संगोष्ठी के समापन अवसर पर उपस्थित शिक्षाविदों, गैर सरकारी संगठनों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मजदूरी दरों में बढ़ोतरी के साथ ही प्रदेश के मजदूरों की लंबे समय से जारी मांग पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक मजदूरी की दरों में हर वर्ष 2.31 प्रतिशत की दर से होने वाली वृद्धि के सिस्टम में भी बदलाव किया गया है।
अब महंगाई की दर के अनुसार शत-प्रतिशत आधार पर वेतन में वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मजदूरी की बढ़ी हुई दरें एक नवंबर, 2015 से प्रभावी होंगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई वर्षों में बढ़ाई गई न्यूनतम मजदूरी को हरियाणा दिवस पर एक नवंबर से बढ़ाया जा रहा है।
न्यूनतम मजदूरी दर हर पांच वर्ष उपरांत बढ़ानी होती हैं, हरियाणा में इन दरों को वर्ष 2007 में बढ़ाया गया था और ये वर्ष 2012 से बढ़ाई जानी थी, परंतु पिछली सरकार ने इसे नहीं बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ ने न्यूनतम मजदूरी दर बढ़ाने की मांग की थी।