हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
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आरक्षण को लेकर जाटों के उग्र व्यवहार को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए डीसी और एसपी को निर्देश दिए हैं। इसके तहत सरकार ने प्रदेश भर के डीसी और एसपी को जाट आंदोनलकारियों की संपत्तियों का ब्यौरा जुटाने के आदेश दे दिए हैं। इसके पीछे नुकसान की भरपाई करना बताया जा रहा है।
सरकार ने पुलिस और जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिए हैं कि वह हर जगह आंदोलन को लीड करने वाले नेताओं की सूची तैयार करे, ताकि कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका में सबसे पहले इन नेताओं की एहतियातन गिरफ्तारियां की जा सकें। इतना ही सीआईडी को सभी आंदोलनकारी नेताओं के फोन टेप करने की स्वीकृति भी दे दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, अगर इस बार हिंसा और उपद्रव होता है तो सरकार उसके नुकसान की भरपाई जाट आंदोलनकारियों की संपत्ति जब्त करके करेगी। बता दें कि 3 महीने पहले हुए आंदोलन के दौरान हुई तोड़फोड़, हिंसा, लूटपाट और आगजनी के खिलाफ 2000 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हैं।
इन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसका जाट आंदोलनकारी विरोध कर रहे हैं। इसको लेकर जाट नेताओं ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर के बाहर प्रदर्शन भी किया था।