फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्वीट पर रारः पिता बोले- माफी नहीं अब मनु भाकर का होगा सम्मान, हो गई है खेलमंत्री से बात

Mon, 07 Jan 2019 10:57 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहादुरगढ़/झज्जर/चंडीगढ़
विज्ञापन
मनु भाकेर - फोटो : SELF
विज्ञापन
ट्वीट पर चल रही रार के बीच मनु भाकर के पिता सामने आए और बयान दिया कि माफी नहीं, अब बेटी का सम्मान होगा। इस बारे में खेलमंत्री से बात हो गई है। हरियाणा सरकार जल्द ही गोल्डन गर्ल मनु भाकर को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करेगी। मनु भाकर के पिता रामकिशन भाकर ने बताया कि इस संबंध में खेल मंत्री अनिल विज से बात हो गई है। खेल मंत्री ने कहा कि मनु उनके परिवार का हिस्सा हैं, इस नाते ही उन्होंने मनु को खेल पर फोकस करने के लिए प्यार भरी डांट लगाई थी।
विज्ञापन


मनु के पिता ने कहा खेल मंत्री उम्रदराज हैं, उनसे बातचीत के बाद अब हमारे मन में कई गिला-शिकवा नहीं है। ऐसे में मामले को तूल देने की जरूरत नहीं रह जाती। मनु के ट्वीट को लेकर भी पिता ने कहा कि ट्वीट कर मनु ने कुछ गलत नहीं किया, उसने तो पॉलिसी नेट पर आते ही अपने इनाम के बारे में स्थिति स्पष्ट करने की बात ही कही थी। गौरतलब है कि दो करोड़ के इनाम को लेकर मनु भाकर के ट्वीट करने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था।

मनु से माफी मांगे सरकार
देश का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ी ने मजबूर होकर ही ये कदम उठाया होगा, सरकार को मनु से माफी मांगनी चाहिए और उसे उसका हक सम्मान के साथ देना चाहिए। वैसे तो यह राजनीतिक मामला नहीं है, लेकिन फिर भी सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए था। किसी भी देश, प्रदेश की प्रगति उसके खिलाड़ियों से दिखाई देती है। हमारी सरकार ने अपने कार्यकाल में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा दिया, इससे खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ा और बेहतर परिणाम आए। वर्तमान सरकार खिलाड़ियों का मनोबल गिरा रही है। एक खिलाड़ी के हक मांगने पर उसे ही नसीहत दी जा रही है। सरकार को मनु भाकर से माफी मांगनी चाहिए।
विज्ञापन

 - भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री
विज्ञापन

पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान करना भूली सरकार

जननायक जनता पार्टी के खेल प्रकोष्ठ के प्रधान एवं कुश्ती कोच महावीर फोगाट ने कहा है कि हरियाणा सरकार खिलाड़ियों का सम्मान करना भूल गई है। युवा शूटर मनु भाकर पर खेल मंत्री अनिल विज की टिप्पणी निंदनीय है। फोगाट ने कहा कि खुद की गलती होने पर भी मंत्री गुस्सा मनु भाकर पर निकाल रहे हैं। सरकार ने बाकायदा अधिसूचना जारी कर इनाम राशि 2 करोड़ रुपये करने की घोषणा की थी, जिसके बाद मनु भाकर ने देश के लिए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप 2018 सहित कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता।

हालांकि, कुछ समय बाद ही सरकार ने दोबारा नोटिफिकेशन जारी कर इनाम राशि को घटाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया। नियम के अनुसार मनु भाकर को वही इनाम राशि मिलनी चाहिए, जितना देने का नियम उस वक्त लागू था, जब उसने पदक जीता। इससे भी ज्यादा अफसोसजनक बात यह है कि राज्य की शान खिलाड़ियों से संवाद करने और उन्हें सरकार की घोषित सुविधाएं दिलाने की कोशिश नहीं की जा रही। भाकर ने अपनी नाराजगी और आशंका ट्विटर के जरिये इसलिए जाहिर की, क्योंकि उसे न इनाम राशि दी जा रही थी, न सही जानकारी।

फोगाट ने कहा कि खेलों को लेकर मौजूदा सरकार सिर्फ दिखावा करती है। जितना जोश और उत्साह सरकार के मंत्री पदक जीतकर आने वाले खिलाड़ियों के साथ फोटो खिंचवाने के लिए दिखाते हैं, उतनी ही मदद खिलाड़ियों की तब भी करनी चाहिए जब उन्हें प्रेक्टिस छोड़कर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। महावीर फोगाट ने मांग की है कि मनु को तत्कालीन घोषित अधिसूचना के हिसाब से 2 करोड़ रुपये इनाम राशि दी जाए।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें