इससे समय, पैसे व कागज की मदद होगी। कागज बनाने के लिए पेड़ कम काटने पड़ेंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। लोगों को बिना कहीं जाए घर बैठे चुटकी में दस्तावेज या प्रमाण पत्र उपलब्ध हो जाएगा। राशि खर्च न होने से आर्थिक फायदा भी होगा।
डिजीलॉकर में ये प्रमाण पत्र मौजूद
जाति, मूल निवासी, जन्म, आय, मृत्यु, आर्थिक तौर पर सामान्य पिछड़ा, अल्पसंख्यक, ग्रामीण क्षेत्र, पेंशन, बीज बिक्री लाइसेंस, स्कूल शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई के दसवीं-बारहवीं के सर्टिफिकेट, पीडीएस राशन कार्ड, ड्र्राइविंग लाइसेंस व वाहन पंजीकरण, एलपीजी सबस्क्रिपशन बाउचर्स, पैन सत्यापन रिकॉर्ड्स व आधार कार्ड।
कम्युनिकेशन और आईटी मंत्रालय का पत्र भी भेजा
हरियाणा सरकार की ओर से मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने सभी विभागों को डिजिटल लॉकर्स से जुड़ी उनके अंतर्गत आने वाली सेवाएं तत्काल प्रभाव से मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग, लोगों को डिजिटल लॉकर्स के उपयोग और प्रमाण पत्रों की प्रासंगिकता के बारे में विस्तार से बताएंगे। गांवों और शहरों में कैंप भी लगाने की योजना है।