-पूर्व आईएएस को लाभ देने के लिए धांधली का आरोप, हरियाणा सरकार को नोटिस जारी
-जिस दिन याचिका दाखिल हुई, उसी दिन विज्ञापन किया वेबसाइट पर अपलोड, दो दिन बाद थी अंतिम तिथि
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के चेयरमैन पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर हरियाणा सरकार घिर गई है। नियुक्ति प्रक्रिया में खामियों को लेकर बुधवार को हाईकोर्ट ने सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया है। साथ ही अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए संगरूर निवासी विक्रम शर्मा ने एडवोकेट चंदन सिंह के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण का गठन 2020 में किया गया था और तब केशनी आनंद अरोड़ा को चेयरमैन बनाया गया था। याची ने बताया कि उनका कार्यकाल 12 जनवरी 2024 को खत्म हो रहा था, लेकिन उन्हें नए चेयरमैन की नियुक्ति तक एक्सटेंशन दे दी गई। याची ने बताया कि चेयरमैन पद के चयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली चयन समिति बनती है। साथ ही सिंचाई विभाग को पद भरने के लिए चयन समिति को लिखना होता है, लेकिन इस मामले में विभाग ने खुद ही चेयरमैन व सदस्यों के चयन के लिए विज्ञापन जारी कर दिया। आवेदन के लिए अंतिम तिथि 20 जनवरी थी और जैसे ही हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई 18 जनवरी (अंतिम तिथि से दो दिन पहले) को पूर्ण विज्ञापन वेबसाइट पर अपलोड किया गया। ऐसा केशनी आनंद अरोड़ा के लिए प्रतिस्पर्धा कम करने के लिए किया गया था। इसके बाद फरवरी में उन्हें ही चेयरमैन चुन लिया गया।
चयन समिति का गठन भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद न्यायालय को गुमराह करने के लिए किया गया था। याची ने बताया कि चेयरमैन को एक्सटेंशन देने का कोई प्रावधान नहीं है और तय नियम के तहत चेयरमैन की गैर मौजूदगी में बैठक की अध्यक्षता सदस्यों में से चयनित कोई एक कर सकता है। हाईकोर्ट ने इन तथ्यों पर विचार करने के बाद अब इस पूरी प्रक्रिया को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। साथ ही हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।