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डिपो पर नहीं बिकेगा, नेफेड को हरियाणा सरकार की दो टूक- सड़ा प्याज भेजा, हम जिम्मेदार नहीं

Thu, 06 Feb 2020 11:23 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, चंडीगढ़
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सड़ा प्याज - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के राशन डिपुओ पर चार-चार किलो सस्ता प्याज बेचने की योजना को झटका लग गया है। योजना के तहत मंगवाई गई प्याज की खेप सड़ी होने के कारण सरकार ने हाथ खींच लिया है। सरकार ने खेप भेजने वाली केंद्रीय एजेंसी नेशनल एग्रीकल्चर मार्केटिंग कोआपरेटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (नेफेड) को भी दो टूक कह दिया है कि हरियाणा को अब इस आयातित प्याज की जरूरत नहीं है। साथ ही जो सड़े प्याज की जो सप्लाई हरियाणा के विभिन्न जिलों में भेजी गई है, उसकी जिम्मेदारी भी सरकार की नहीं है और न ही इस डिलीवरी का पैसा हरियाणा सरकार देगी।
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इस संदर्भ में हरियाणा सरकार ने रिमांडर पत्र के रूप में अपने निर्णय से नेफेड को अवगत करवाते हुए एक बार फिर जिलों में भेजी सड़े प्याज की सप्लाई को भी तुरंत उठवाने को कहा है। सरकार के इस रूख के बाद अब उन लोगों की आस भी टूट गई है, जिन्हें राशन डिपो पर सस्ता चार किलो प्याज मिलने की उम्मीद थी। हरियाणा के बाजार में आज भी प्याज की फुटकर कीमत 45 से 50 रुपये प्रति किलो है।

मुंबई में पड़ा प्याज खपाने को बनी थी योजना
केंद्र सरकार का मुंबई के बंदरगाहों पर विदेश से मंगवाया भारी मात्रा में आयातित प्याज का स्टाक पड़ा हुआ है। बदलते मौसम की वजह से इस प्याज के खराब होने की आशंका के चलते केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया था कि  10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से थोक में प्याज खरीद लें और अपने हिसाब से सस्ता प्याज राशन डिपो पर बेच दें। हरियाणा सरकार ने इस आग्रह का मान रखते हुए नेफेड को 1100-1100 मीट्रिक टन के दो आर्डर देने का निर्णय लिया। कार्रवाई भी शुरू हुई और पहले आर्डर के तहत नेफेड ने जिलों में प्याज भेजना भी शुरू कर दिया।
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जिलों में पड़ा सड़ा प्याज गले की फांस बना

हरियाणा सरकार से मिले आर्डर के चलते नेफेड ने अंबाला, रेवाड़ी, नारनौल, पानीपत, करनाल, रोहतक, सोनीपत व भिवानी सप्लाई शुरू की। लेकिन इन जिलों के जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रकों ने हेडक्वार्टर को रिपोर्ट दी कि जो प्याज भेजा गया है, वे सड़ा हुआ, बदबूदार, अकुंरित, पानी टपकता व गला हुआ है। इस रिपोर्ट के बाद सरकार को भी डर था कि यदि ऐसा प्याज राशन डिपो पर बेचा गया तो जनता के बीच भारी फजीहत हो सकती है। इसलिए सरकार ने अब इस योजना से ही पीछे हटने का निर्णय लिया है। मगर जिलों में खडे़ इन सड़े प्याजों के ट्रक विभाग के लिए गले की फांस बने हुए हैं।

जिलों से जो रिपोर्ट मिली है, उसे देखने के बाद सरकार ने फैसला लिया है कि हरियाणा राज्य में आयातित प्याज की डिलीवरी नहीं होगी। नेफेड को लिख दिया गया है इस प्याज को जल्द उठवाने का कष्ट करें। इस प्याज के लिए हमारी जिम्मेवारी नहीं होगी और न ही सरकार इस प्याज के बिल की अदायगी करेगा।
- पीके दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग
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