हरियाणा की मनोहर सरकार जाटों के तल्ख तेवरों को देखते हुए सकते में है। 15 फरवरी को जींद में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मोटरसाइकिल रैली में खलल न पड़े इसे देखते हुए सरकार ने 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों पर दर्ज केसों को वापस लेना शुरू कर दिया है।
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बुधवार को सरकार ने 85 एफआईआर वापस ली हैं। इससे जाट आंदोलन के869 आरोपियों को राहत मिलेगी। तेरह जिलों के विभिन्न थानों में इनके खिलाफ लगभग आधा दर्जन से अधिक धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थीं। जाटों के रुख को भांपते हुए सरकार ने इसलिए भी केस वापस लेने में जल्दबाजी दिखाई, चूंकि प्रदेश भाजपा किसी सूरत में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने सरकार की किरकरी नहीं होने देना चाहती।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन के गृह जिले और जाटलैंड में शुमार सोनीपत से सबसे अधिक 18 और पानीपत जिले की 14 एफआईआर वापस ली गई हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण बेदी की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय समिति की संस्तुति के बाद 13 जिलों के डीसी ने 85 एफआईआर वापस लेने की रिपोर्ट सरकार को भेजी थी। इस पर गौर करते हुए सरकार ने जाट आंदोलनकारियों पर दरियादिली दिखाई है।
इन जिलों में दर्ज एफआईआर वापस
सोनीपत जिले की 18 एफआईआर वापस हुई हैं। 2016 में यह एफआईआर खरखौदा, कुंडली, मोहाना, गन्नौर, बरौदा, राई, सदर गोहाना, सोनीपत सिटी थाने में दर्ज हुई थीं। इनमें कुल 94 जाट आंदोलनकारी आरोपी हैं। रेवाड़ी में एक एफआईआर वापस ली गई है, यह खोल थाना में दर्ज थी, इसमें 9 आरोपी बनाए गए थे।
कुरुक्षेत्र जिले में चार एफआईआर दर्ज थीं, इन्हें पिहोवा, इस्माइलाबाद, सदर थानेसर में दर्ज किया गया था। कुल 83 आरोपी बनाए गए थे। करनाल जिले के सदर थाना करनाल, असंध, इंद्री व मधुबन थाने में सात एफआईआर दर्ज की गई थीं, कुल 32 आरोपी बनाए गए थे। महेंद्रगढ़ के कनीना थाने में एक एफआईआर दर्ज थी।
पलवल जिले के थाना होडल, सिटी पलवल व सदर थाना पलवल में पांच एफआईआर दर्ज कर 44 आरोपी बनाए गए थे। पानीपत जिले के थाना इसराना, सदर पानीपत, मतलौडा, समालखा, मॉडल टाउन पानीपत व चांदनी बाग में 14 एफआईआर दर्ज कर 143 आंदोलनकारियों को आरोपी बनाया गया था।
हिसार जिले के थाना सदर हिसार, अग्रोहा, उकलाना, सिविल लाइन्स हिसार थाने में पांच एफआईआर दर्ज कर 34 आरोपी बनाए गए थे। जींद जिले के थाना जुलाना, सफीदों व पिलखुवा में 6 एफआईआर में 96 आरोपी बनाए गए थे। झज्जर जिले में आठ एफआईआर दर्ज कर 15 को आरोपी बनाया गया था। भिवानी के थाना लोहारू, तोशाम, बहल में छह एफआईआर दर्ज कर 33 आरोपी बनाए गए थे।
फतेहाबाद जिले में थाना भूना, सदर टोहाना, सिटी टोहाना में आठ एफआईआर दर्ज हुई थीं और 231 आंदोलनकारियों को आरोपी बनाया गया था। यमुनानगर जिले के थाना रादौर व सदर जगाधरी में दो एफआईआर दर्ज कर 55 आंदोलनकारी आरोपी बनाए गए थे।