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हरियाणाः किलोमीटर स्कीम के तहत बसें चलाने पर सरकार अटल, दिया रोडवेज कर्मियों को झटका

Thu, 18 Oct 2018 12:32 PM IST
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Haryana Roadways Bus - फोटो : File Photo
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हरियाणा सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत बसें चलाने के अपने फैसले पर अटल है। वहीं सीएम खट्टर ने हड़ताली कर्मचारियों को दूसरा बड़ा झटका भी दे दिया है। हरियाणा सरकार रोडवेज का बेड़ा 45 सौ बसें से ऊपर नहीं बढ़ाएगी। वर्तमान में हरियाणा रोडवेज के पास 4100 बसें हैं, जबकि 4500 बसों का स्वीकृत स्टाफ ही रखा जा सकता है।
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प्रदेश की जनसंख्या लगभग दो करोड़ 80 लाख है। इस लिहाज से प्रदेश में 15 हजार रोडवेज बसों की जरूरत है। कर्मचारी रोडवेज बसें लाने पर ही अडिग हैं, जिससे सरकार ने साफ इंकार कर दिया है। रोडवेज के घाटे में होने और स्वीकृत फ्लीट से बाहर जाकर परिवहन विभाग इतनी बसें किसी सूरत में नहीं खरीद सकता है।

इस तसदीक परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने भी कर दी है। उन्होंने कहा कि लोगों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अन्य विकल्प अपनाने ही होंगे। 45 सौ से ऊपर रोडवेज का बेड़ा नहीं बढ़ेगा। इससे साफ हो गया है कि चुनाव के समय रोडवेज बेड़े में हर साल एक हजार बसें शामिल करने का सरकार का वादा कोरा ही साबित हुआ है।
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चूंकि, चार साल के कार्यकाल में रोडवेज का बेड़ा 41 सौ बसों तक ही सीमित है। हर साल सरकार एक हजार बसें लाती तो रोडवेज का बेड़ा बढ़कर आठ हजार तक पहुंच गया होता।

इन दरों पर चलेंगी रोडवेज बसें

हरियाणा रोडवेज बस
किलोमीटर स्कीम के तहत अंबाला में 12 बसों को 37.10 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से चलाया जाएगा। चंडीगढ़ में 20 बसों को 37.30 रुपये, कुरुक्षेत्र में 15 बसों को 36.80 रुपये, यमुनानगर में 10 बसों को 36.60 रुपये, करनाल में 20 बसों को 36.50 रुपये, पानीपत में 20 बसों को 34.75 रुपये, कैथल में 15 बसों को 34.30 रुपये, हिसार में 25 बसें 36.75 रुपये, फतेहाबाद में 20 बसों को 36.90 रुपये, सिरसा में 17 बसों को 36.80 रुपये, भिवानी में 58 बसों को 36.50 रुपये, चरखी दादरी में 15 बसों को 36.30 रुपये, फरीदाबाद में 15 बसों को 36.75 रुपये, गुरूग्राम में 40 बसों को 37.10 रुपये, झज्जर में 45 बसों को 34.65 रुपये, बहादुरगढ में 5 बसों को 31.01 रुपये, नारनौल में 15 बसों को 36.09 रुपये, नूंह में 5 बसों को 36.75 रुपये, पलवल में 10 बसों को 36.75 रुपये, रोहतक में 48 बसों को 35.65 रुपये, सोनीपत में 42 बसों को 35.75 रुपये, रेवाड़ी में 5 बसों को 37.24 रुपये और जींद में 15 बसों को 36.40 रुपये प्रति किलोमीटर पर चलाया जाएगा।

सात से आठ लाख लोग सूमो, क्वालिस, मैक्सी कैब पर निर्भर
धनपत सिंह ने कहा कि 30 लाख लोग रोजाना प्रदेश में सफर करते हैं। इनमें से 12 लाख लोग रोज रोडेवज बसों के माध्यम से यात्रा कर रहे हैं। वर्ष 1993-94 की नीति के अनुसार लगभग 954 बसें सहकारी समितियों द्वारा भी रोडवेज के अलावा चलाई जा रही हैं, जिनमें तीन से चार लाख लोग यात्रा करते हैं। इसके अलावा सात से आठ लाख लोग अन्य वाहनों सूमो, क्वालिस व मैक्सी कैब इत्यादि पर निर्भर हैं। इसलिए किलोमीटर स्कीम के तहत बसें लाना जरूरी है। इससे रोडवेज के कर्मचारियों के हकों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा। सरकार रोडवेज के बेड़े में भी 367 बसें शामिल करने जा रही है। टेंडर हो चुका है।

सीएम ने खुद संभाला मोर्चा

cm manohar lal khattar
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जनता को हो रही असुविधाओं के मद्देनजर बुधवार को खुद मोर्चा संभाला। कड़ा संज्ञान लेते हुए सीएम ने समीक्षा बैठक ली। इसमें ही अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने व सेवा से बाहर करने का निर्णय लिया गया। प्रोबेशन अविध पर चल रहे जिन चालकों ने पांच सितंबर की व इस हड़ताल में हिस्सा लिया, उन्हें बिना कारण बताओ नोटिस के नौकरी से निकालने के आदेश जारी किए गए।

आऊटसोर्सिंग पॉलिसी-2 के तहत 2016 में ठेके पर लगे 252 चालकों में से जिन्होंने हड़ताल में भाग लिया है, उनकी सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं। बैठक में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, परिवहन विभाग के अतिक्ति मुख्य सचिव धनपत सिंह के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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175 प्रोबेशनर्स-आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवाएं खत्म

haryana roadways - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा सरकार और रोडवेज कर्मचारियों के बीच किलोमीटर स्कीम के तहत 700 बसें चलाने को लेकर तनातनी और बढ़ गई है। सरकार स्कीम पर पीछे हटने को तैयार नहीं है तो रोडवेज कर्मचारियों ने भी आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। बुधवार को खत्म हो रही दो दिन की हड़ताल रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने 19 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। अब दशहरा पर भी रोडवेज का चक्का जाम रहेगा। कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार भी कड़े तेवरों में आ गई है।

परिवहन विभाग ने सीएम मनोहर लाल से बैठक के बाद हड़ताली कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। हड़ताल में शामिल लगभग 175 कर्मियों की सेवाएं बुधवार को खत्म कर दी गईं। इनमें सौ प्रोबेशनर्स चालक-परिचालक और 75 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं। इसके अलावा जिन भी पक्के कर्मचारियों पर एस्मा के तहत कार्रवाई हुई है, उन्हें निलंबित किया जा रहा है। परिवहन विभाग ने रोडवेज के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है।

पलवल के रोडवेज महाप्रबंधक लाजपत राय को निलंबित करने की सिफारिश की गई है। रेवाड़ी के ड्यूटी इंस्पेक्टर करण सिंह व बहादुरगढ़ के वर्क्स मैनेजर भगवान दहिया को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। लाजपत राय हड़ताल से एक दिन पहले एसीएस परिवहन धनपत सिंह को फोन कर छुट्टी पर चले गए। उन्होंने इसका कारण पीठ दर्द बताया। मगर न ही लिखित में छुट्टी मांगी, न ही मेडिकल रिपोर्ट डीसी व परिवहन मुख्यालय को भेजी।

हालांकि, लाजपत राय मेडिकल रिपोर्ट भेजने का दावा कर रहे हैं। हड़ताली कर्मचारियों की बार-बार की हड़ताल के मद्देनजर सरकार एक सप्ताह के अंदर 930 कंडक्टर व पांच सौ ड्राइवर आउटसोर्सिंग पॉलिसी-2 के तहत भर्ती करेगी। इसके लिए विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया बुधवार को शुरू कर दी गई। प्रोबेशन पर चल रहे नवनियुक्त लिपिकों ने भी हड़ताल में भाग लिया है, उनकी सेवाएं भी समाप्त की जाएंगी।
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