हरियाणा सरकार अब सूबे में तदर्थ कर्मियों को भी पक्का करने जा रही है। इस संदर्भ में हरियाणा सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत गत 20 से 25 वर्षों से अधिक अवधि से जो तदर्थ, वर्कचार्ज और अंशकालिक आधार पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को रेगुलर किया जाएगा। इन कर्मचारियों की सेवाओं को 2003 और 2004 में जारी नियमितीकरण नीतियों के तहत नियमित करने की स्वीकृति प्रदान की है।
इसी बाबत सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को इस संबंध में तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें वित्त विभाग से डिमिनिशिंग काडर में पद सृजित करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि ऐसे कर्मचारियों को समायोजित किया जा सके। इसके अतिरिक्त सरकार ने वित्त विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि जब कभी भी किसी विभाग, बोर्ड या निगम द्वारा 2003 और 2004 में जारी नियमितीकरण नीतियों के तहत अपने कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने के लिए पदों के सृजन का मामला भेजा जाए तो डिमिनिशिंग काडर में तुरंत पदों का सृजन किया जाए।
उधर, सर्व कर्मचारी संघ ने जताई हैरानी
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने सरकार के इस फैसले पर हैरानी जताई है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में बहुत ही कम कर्मचारी नियमित होंगे। इन नीतियों से जिन पात्र कर्मचारियों को पक्का होना था, वह तो पहले ही हो चुके हैं। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने अध्यादेश के जरिए हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की है।