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हरियाणा सरकार लिखकर दौड़ रहे निजी वाहन

Sun, 21 Sep 2014 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत
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पानीपत। दीये तले अंधेरा यह कहावत निगम और कई कार्यालयाें में ठेके पर लगे वाहनाें पर पूरी तरह से चरितार्थ होती है।
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टोल टैक्स और पार्किंग फीस बचाने के लिए निगम और सरकारी विभागों में ठेके पर चलने वाले ठेकेदारों के निजी वाहन भी हरियाणा सरकार लिखवाकर दौड़ रहे हैं। जबकि नियमानुसार सरकार के नाम पंजीकरण होने पर ही किसी वाहन पर हरियाणा सरकार लिख जा सकता है।

हैरानी की बात यह है कि इन गाड़ियों में सरकारी अधिकारी सफर करते हैं, मगर उनके सामने कानून की धज्जियां उड़ रहीं हैं और वे सब देखकर आंखें मूंदे बैठे हैं। जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैया के कारण ऐसे वाहनों की संख्या बढ़ रही है।
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प्रदेश के सभी विभागों और बिजली निगम स्तर पर एसडीओ से ऊपर रैंक  के अधिकारियों को सरकार की ओर से फील्ड वर्क के लिए गाड़ी की सुविधा प्रदान की है। पहले तो सरकार सभी विभागों को गाड़ियां खरीदकर देती थी। लेकिन पिछले कुछ समय से प्रदेश सरकार की ओर से अपनी गाड़ियां खरीदने की बजाए सभी विभागों को अनुबंध आधार पर गाड़ियां उपलब्ध करवा दी।

ठेकेदार की निजी गाड़ी होने के कारण उस पर हरियाणा सरकार लिखवाना भी अवर्जित है। वहीं हाईवे पर टोल टैक्स और पार्किंग फीस से बचने के लिए चालक उन निजी वाहनों पर हरियाणा सरकार लिखवाकर दौड़ा रहे हैं। वहीं प्रशासन की ढुलमुल रवैया के कारण जिले में ऐसे वाहनों की संख्या अब बढ़ने लगी हैं।

पुलिस प्रशासन भी निजी वाहनों पर हरियाणा सरकार लिखा देखकर उनकी जांच करने की जहमत नहीं उठता। अब निजी वाहन चालक भी इसकी आड़ में कई तरह के टैक्स से बच निकलते हैं।

नियम के मुताबिक सरकार के नाम आरसी होने पर ही किसी वाहन पर हरियाणा सरकार लिखा जाता है। लेकिन जो निजी वाहन सरकारी कार्यों के लिए प्रयोग में लाए जा रहे हैं उन पर ऑन गवर्नमेंट ड्यूटी ही लिखा जा सकता है। लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण शहर में सैकड़ों की संख्या में निजी वाहनों पर हरियाणा सरकार लिखकर दौड़ाया जा रहा है।

जिन गाड़ियों को हरियाणा सरकार लिखकर दौड़ाया जा रहा है वे केवल दो वर्ष के लिए अनंबुध आधार पर लगाई जाती हैं। लेकिन बड़ी हैरानी की बात है कि अधिकारी उस गाड़ी पर अपने विभाग का नाम लिखवाने के बजाए हरियाणा सरकार का तमगा लगाना पसंद करते हैं। इसके चलते शहर में अवैध रूप से हरियाणा सरकार लिखी गाड़ियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है।

जिले में सबसे अधिक निजी वाहन बिजली निगम के पास हैं जिन पर हरियाणा सरकार लिखा है। निगम सर्कल में नौ एसडीओ, तीन एक्सईएन और एक एसई सहित करीब 13 वाहन हैं। अधिकतर पर हरियाणा सरकार लिखा है। जबकि निगम हेडक्वार्टर की ओर से जो सर्कुलर जारी किया है, उसमें कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है। कृषि विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, बीएंडआर विभागों में भी हालात इससे जुदा नहीं हैं। इन गाड़ियाें में अधिकारी सफर करते हैं मगर वे इसको लेकर गंभीर नहीं जिसकी वजह से ठीक उनके सामने कानून की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं।

वर्जन
जिस वाहन की आरसी सरकार के नाम होती है, उसी वाहन पर ही हरियाणा सरकार लिखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि उनके पास सात से ऊपर सीटों की गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होता है। लेकिन छोटी व बड़ी गाड़ियों पर एक ही नियम लागू होता है। जो निजी वाहन सरकारी कार्यों के लिए प्रयोग हो रहा है उस पर ऑन गवर्नमेंट डयूटी लिखा जा सकता है।
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विवेक कालिया, आरटीए
वर्जन
बिजली निगम के किसी भी अधिकारी को अनुबंध आधार पर लगे निजी वाहनों पर हरियाणा सरकार लिखवाने की अनुमति नहीं है। जो अधिकारी इस प्रकार का गैर कानूनी कार्य करता है इसके लिए वह स्वयं जिम्मेवार होगा।
देवव्रत शर्मा, मुख्य संचार अधीक्षक बिजली निगम पंचकूला।
सुरेश-हरेंद्र
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