हरियाणा सरकार ने बिना पूर्व अनुमति देश के भीतर हवाई यात्रा करने वाले ग्रेड-3 कर्मचारियों पर शिकंजा कस दिया है। 500 किलोमीटर से अधिक दूर जाने पर प्राप्त हवाई यात्रा सुविधा का कर्मचारी अब दुरुपयोग नहीं कर पाएंगे। कुछ समय से आकस्मिक हवाई यात्रा के नाम पर सरकार की आंखों में धूल झोंकी जा रही थी। सैर-सपाटे को भी आकस्मिक कार्य का नाम दिया जा रहा था।
वित्त विभाग ने इस फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। आकस्मिक हवाई यात्रा के टिकट का खर्च वित्त विभाग से संबंधित कर्मचारी को अब तभी मिलेगा जब विभाग के प्रशासनिक सचिव की कार्योत्तर स्वीकृति होगी। इसके साथ ही कोई भी विभाग ग्रेड-3 कर्मचारी की हवाई यात्रा की कार्योत्तर स्वीकृति व नियमों में छूट देने की फाइल सीधे वित्त विभाग को नहीं भेजेगा।
26 अगस्त, 2020 को इस निर्णय से वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, एसडीएम व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र के जरिए अवगत करा दिया है। एक तो कर्मचारी बिना अनुमति हवाई यात्रा कर ही नहीं सकेंगे, अगर आकस्मिक रूप से कर भी लेते हैं तो ठोस कारण के साथ प्रशासनिक सचिव से कार्योत्तर स्वीकृति लेनी होगी।