उत्तर प्रदेश सरकार के बाद अब हरियाणा सरकार भी अपने यहां फिल्म सिटी बसाने जा रही है। सरकार इस योजना पर काम कर रही है। इसके लिए 50 से 100 एकड़ तक भूमि निर्धारित की गई है। इसके अलावा हरियाणवी कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तर पर हर साल एक अवार्ड दिया जाएगा और कला के प्रोत्साहन के लिए हरसंभव सहायता भी दी जाएगी। खुलासा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की।
पब्लिसिटी सेल के ओएसडी गजेंद्र फोगाट के नेतृत्व में हरियाणवी लोक कलाकारों के एक समूह ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान कलाकारों से हरियाणवी कला की बेहतरी के लिए चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जिसमें गायक के अलावा, स्क्रिप्ट राइटर तथा टीम के प्रत्येक सदस्य को शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकार को एक विचार के साथ आगे बढ़ना चाहिए जिसमें यह स्पष्ट हो कि वह समाज को क्या संदेश और शिक्षा देना चाहता है। उन्होंने कलाकारों से कहा कि आप उभरते हुए सितारे हैं और इस नाते सारी चीजों को ध्यान में रखकर विचार को प्रमुखता दें, क्योंकि कला में फूहड़ता को किसी भी नजरिए से वाजिब नहीं कहा जा सकता। ऐसे कलाकार भीड़ तो जुटा सकते हैं लेकिन स्वस्थ कला के लिए यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
मनोहर लाल ने कहा कि पहले स्कूल, मंदिर, गोशाला और धर्मशाला आदि बनवाने के लिए पैसा जुटाने के मकसद से लोक कलाकारों को बुलाया जाता था। निंदाना गांव के सांगी धनपत सिंह के सांग से एकत्रित पैसों से वहां स्कूल का निर्माण करवाया गया था। इसी तरह, बाजे भगत, पंडित लख्मीचंद और मांगेराम आदि का नाम हरियाणवी लोक कला खासकर सांग विधा में बड़े अदब से लिया जाता है।