आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हरियाणा सरकार ने पूरी तरह कमर कस ली है। सरकार का खास फोकस अन्य वर्गों के साथ-साथ किसानों पर भी रहेगा। सरकार का दावा है कि किसानों की आय बढ़ाकर उन्हें समृद्ध बनाना और कृषि व्यवसाय को लाभकारी बनाना ही कृषि क्षेत्र में उनकी प्राथमिकता है। कांग्रेस, इनेलो, जजपा, समेत अन्य सियासी दलों ने भी चुनाव से पहले किसानों के मुद्दों को फिर से हवा देते हुए अपनी सियासत शुरू कर दी है।
लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद विरोधी किसानों को अपने खेमे में करना चाहते हैं। लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा प्रदेश में अपनी कृषि एवं कृषक कल्याण संबंधी योजनाओं, उनकी प्रगति रिपोर्ट और भावी विजन के बूते किसानों को खुद से जोड़े रखने की कवायद में जुटी हुई है। इसके लिए जहां सीएम मनोहर लाल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है, वहीं सीएम कृषि और किसानों स जुडी तमाम योजनाओं की समीक्षा भी कर रहे हैं।
इतना ही नहीं बीते शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की बैठक में भी सीएम मनोहर लाल ने प्रदेश में कृषि और कृषि से जुड़े व्यापार को आने वाले समय में और मजबूती देने का विजन पेश किया। इतना ही नहीं सीएम ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने केंद्र सरकार के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र के साथ मजबूती से मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी दिखाई।
इस तरह किसानों के कल्याण में जुटी सरकार
- सरकार ने किसान कल्याण प्राधिकरण को कृषि को लाभकारी बनाने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने, कृषक परिवारों व भूमिहीन कामगारों के भौतिक, वित्तीय और मनोवैज्ञानिक तनावों को कम करने के प्रयास तेज करने के निर्देश दिए
- सरकार अपनी नई फसल विविधीकरण योजना (जल ही जीवन है) को सफल बनाकर किसानों के समक्ष अच्छी कमाई का बेहतर उदाहरण पेश करने में शिद्दत से जुटी
- ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ योजना के जरिए किसानों को अपडेट करना चाह रही सरकार, ताकि किसानों की फसलों का विवरण ऑनलाइन पंजीकृत हो
- गेहूं की फसल के लिए ऑनलाइन ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से 15,023.97 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया
- सरसों की फसल के लिए 2,16,846 किसानों को 2381.37 करोड़ रुपये का लाभ प्रदान किया गया है।
- ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सूरजमुखी के बीज और काले चने की खरीद शुरू की गई है
-‘भावांतर भरपाई योजना’ के तहत सब्जी उत्पादक 20346 किसानों की 66250 एकड़ जमीन पंजीकृत की गई। 9 करोड़ 40 लाख रुपये का मुआवजा भी दिया।
- हरियाणा कृषि-व्यापार एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देगी सरकार
- सरकार ने एक बागवानी विजन तैयार किया है, वर्ष 2030 तक राज्य में बागवानी के तहत क्षेत्र को दोगुना करके वर्तमान 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक करना और बागवानी उत्पादन को तीन गुना बढ़ाना।
- हरियाणा में किसान को पेंशन देने का मसौदा भी सरकार ने कर रखा है तैयार