हरियाणा सरकार ने ब्लैक फंगस के इलाज में प्रयुक्त होने वाले एंफोटेरिसिन-बी के 15 हजार इंजेक्शन के लिए सीरम कंपनी को ऑर्डर कर दिया है। सरकार की ओर से तत्काल इंजेक्शन सप्लाई शुरू करने की बात कही गई है। हालांकि, नियमों के मुताबिक कंपनी को ऑर्डर के 15 दिन के अंदर-अंदर दवा की सप्लाई शुरू करनी होगी और कुल 45 दिनों में पूरी सप्लाई देनी होगी।
सरकार ने ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कमी को देखते हुए 27 मई को ग्लोबल टेंडर जारी किया था। हालांकि, इसमें केवल भारतीय कंपनी सीरम ने ही हिस्सा लिया। नियमों के तहत एक कंपनी का आवेदन आता है तो दोबारा से टेंडर किया जाता है लेकिन मौजूदा महामारी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कंपनी को नियमों में छूट देते हुए 15 हजार इंजेक्शन के लिए ऑर्डर दिया है। इस टेंडर के सफल होने के बाद ब्लैक फंगस के मरीजों को राहत मिलेगी।
फिलहाल इंजेक्शन की चल रही किल्लत
बता दें कि इस समय प्रदेश में ब्लैक फंगस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं और इसमें प्रयुक्त होने वाले इंजेक्शन की कमी बनी हुई है। इसके चलते दाखिल मरीजों को जरूरत के मुताबिक इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। हालांकि, प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को पांच हजार इंजेक्शन खरीदने का पहले ही आर्डर दिया है लेकिन स्टॉक कम होने के कारण दवा कम मिल रही है।
ब्लैक फंगस के लिए एंफोटेरेसिन बी के 15 हजार इंजेक्शन खरीदने का आर्डर किया है। इंजेक्शन मिल जाने के बाद इसकी कमी नहीं रहेगी। टेंडर में केवल एक ही कंपनी ने हिस्सा लिया था, हालात को देखते हुए नियमों में ढील देकर उसे ही इंजेक्शन का आर्डर किया है। - अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री।