विज ने कहा कि डीसी एवं पुलिस अधीक्षक सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखें। विज ने कहा कि सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में क्रिटिकल कोरोना केयर केंद्र बनाए जा रहे हैं। साथ ही इनमें चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए मेडिकल महाविद्यालयों में पढ़ रहे करीब 1400 पीजी और एमबीबीएस अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को तुरंत जिलों में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय मेडिकल संघ से भी चिकित्सक भेजने की अपील की गई है।
जिला स्तर पर बनाएं निगरानी समिति
विज ने कहा कि सभी डीसी अपने जिलों में जिला स्तरीय कोविड निगरानी समिति का गठन करें, इसमें विभिन्न विभागों सहित जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव को भी शामिल किए जाए। उन्होंने सभी सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में होम आइसोलेशन में उपचाराधीन मरीजों की प्रत्येक दूसरे दिन घर पर जाकर जांच कराने की व्यवस्था करें। उन्हें दवाइयां, आयुष किट और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाएं। साथ ही मरीजों को नियमित परामर्श के लिए चिकित्सकों के नाम एवं फोन नंबर अखबारों में प्रकाशित करवाएं।
मुख्य सचिव विजय वर्धन ने सभी जिलाधिकारियों को मैक्रो कंटेनमेंट जोन में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि उपायुक्त एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी अपने दफ्तरों से बाहर निकलें और स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक प्रबंध करवाएं।
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने कहा कि जिलों में उद्योगों को मेडिकल ऑक्सीजन लाइसेंस 24 घंटे में उपलब्ध करवाएंगे, इसके लिए उन्होंने शीघ्र आवेदन करवाने के लिए कहा। राज्य के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर की संख्या 94 से बढ़ाकर 141 कर दी गई है। कोविड मरीजों को अस्पतालों में दाखिल करने और डिस्चार्ज करने के नियम भी जल्द जारी किए जाएंगे। वित्तायुक्त संजीव कौशल ने सभी डीसी से कोविड प्रबंधन की रिपोर्ट ली और आवश्यक बजट तत्काल जारी करने की बात कही।