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खिलाड़ियों के सामने झुकने को तैयार नहीं सरकार, खेल पॉलिसी में बदलाव के संकेत

Fri, 27 Apr 2018 09:41 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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commonwealth games
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कॉमनवेल्थ खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और हरियाणा सरकार के बीच पुरस्कार राशि को उपजे विवाद में सरकार फिलहाल झुकने को कतई तैयार नहीं है। खेल मंत्रालय ने जहां इस मामले में खेल नीति में ही बदलाव के संकेत दे दिए हैं, वहीं अड़ियल रवैया रखने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार रराश पर भी रोक लग सकती है।

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खेल नीति के तहत हरियाणा सरकार उन खिलाड़ियों को अच्छा खासा नगद पुरकार देती है, जो विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं समेत कॉमनवेल्थ और ओलंपिक में पदक जीतते हैं। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को तो नौकरी देने का भी प्रावधान है। लेकिन शर्त यह है कि संबंधित खिलाड़ी हरियाणा का मूल निवासी हो और वे विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में हरियाणा के प्रतिनिधित्व के रूप शिरकत करे।

इसके  बावजूद हरियाणा सरकार ने खेल नीति में विशेष प्रावधान करते हुए उन खिलाड़ियों पर मेहरबानी दिखाई जो मूल रूप से तो हरियाणा के हैं, लेकिन मुकाबले विभिन्न एजेंसियों की ओर से खेलते हैं। पिछले दिनों कॉमनवेल्थ खेलों में भी हरियाणा के 22 पदक विजेता खिलाड़ियों में से  13 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो हरियाणा की बजाए विभिन्न एजेंसियों की ओर से खेले।
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लेकिन फिर भी हरियाणा सरकार ने उन्हें नगद पुरस्कार देने का फैसला लिया और इसके लिए  26 अप्रैल को पंचकूला में राज्य स्तरीय खिलाड़ी सम्मान समारोह भी रखा गया। लेकिन इस दौरान खेल मंत्रालय ने ये शर्त लगा दी थी कि इन खिलाड़ियों को हरियाणा की ओर से मिलने वाली पुरस्कार रराश में से  उनकी संबंधित एजेंसियों द्वारा दी जाने वाली पुरस्कार राशि को काटकर उन्हे प्रदान किया जाएगा। बस, इसी बात को लेकर 22 में से 11 खिलाड़ियों ने विरोध जताते हुए इस समारोह के बहिष्कार का फैसला लिया था। जिसके बाद सरकार को ये कार्यक्रम ही रद करना पड़ा।

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इसलिए लटक सकती है पुरस्कार राशि

Haryana Minister Anil Vij - फोटो : अमर उजाला
खेल मंत्रालय सूत्रों के अनुसार खिलाड़ियों के इस अड़ियल रवैये के बाद सरकार खेल नीति पर मंथन करते हुए इस बात को ही सुनिश्चित करना चाहती है कि खेल नीति के तहत नगद पुरस्कार उन्हीं खिलाड़ियों को ही मिलेगा, जिन्होंने हरियाणा का प्रतिनिधि करते हुए मुकाबलों में भाग लिया है। यदि ऐसा हुआ तो विरोध करने वाले और दूसरी एजेंसियों से खेलने वाले 13 खिलाड़ियों का नगर पुरस्कार लटक जाएगा। लेकिन इसके लिए अंतिम फैसला कैबिनेट की मीटिंग में लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार इस मसले पर जल्द ही कैबिनेट बुलाई जाएगी।

खिलाड़ियों के इस रवैये से सरकार आहत है। मनाने पर भी वे नहीं माने। हम तो खेल नीति में विशेष प्रावधान करके उन्हे फिर भी पुरस्कार राशि दे रहे थे, लेकिन खिलाड़ी अपनी जिद पर अड़े रहे। लिहाजा ये मामला अब मुख्यमंत्री के संज्ञान में हैं और इस मामले में मंत्रीमंडल समूह की बैठक में ही फैसला होगा।
-अनिल विज, खेल एवं युवा मामले मंत्री, हरियाणा
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