उन्होंने कहा कि पंचायत के अधीन भूमि का जहां जल स्तर 35 मीटर से ज्यादा है, वहां पंचायती जमीन पर धान लगाने की अनुमति नहीं होगी। प्रोत्साहन राशि ग्राम पंचायत को ही दी जाएगी। इन ब्लॉक के अलावा भी यदि किसान धान की बुआई करना छोड़ना चाहते हैं तो वे पूर्व में सूचना देकर प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि धान के स्थान पर कम पानी से तैयार होने वाली अन्य वैकल्पिक फसलें जैसे कि मक्का, अरहर, उड़द, ग्वार, कपास, बाजरा, तिल व ग्रीष्म मूंग (बैशाखी मूंग) की बुआई करने के प्रति अपना मन बनाएं। मक्का की बिजाई के लिए आवश्यक कृषि यंत्रों की भी व्यवस्था की जाएगी। मंडियों में मक्का के लिए ड्रायर की व्यवस्था करेंगे।
किसानों को मक्का के उत्तम गुणवत्ता के बीज उपलब्ध करवाने के लिए कुछ कंपनियों को सूचीबद्ध किया जाएगा। उन्होंने किसानों को आवश्वासन दिया कि सरकार मक्का व दालों की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करेगी।
जल संरक्षण की इस योजना का वेब पोर्टल भी बनाया जाएगा, जिस पर कठिनाइयों को हल करने के लिए जानकारी दे सकेंगे। जल संरक्षण की ऐसी योजनाएं 15 से 20 वर्ष पहले बना दी जानी चाहिए थी। सरकार अन्य राज्यों से भी हरियाणा के हिस्से के पानी की उपलब्धता के प्रबंध सुनिश्चित कर रही है, चाहे वह लखवार, केशाऊ व रेणूका बांधों से हो या एसवाईएल का पानी हो। इस पानी को लाने के लिए हम आगे बढ़े हैं, ताकि दक्षिण हरियाणा में पानी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पीने के पानी के साथ-साथ उद्योगों के लिए भी पानी का प्रबंध कर रहे हैं।
किसानों को सरसों की खरीद की अदायगी के रूप में 800 करोड़ रुपए और गेहूं के लिए 820 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 4000 कैदी या बंदियों की पैरोल अवधि 5 सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई है।
बहकावे में न आएं मजदूर, मांगने पर पैसे न दें
सीएम ने मजदूरों से आग्रह किया कि वे किसी के बहकावे में बिल्कुल न आएं और यदि कोई पैसे मांगता है तो उसे पैसे देने की आवश्यकता नहीं है। सरकार उन्हें निशुल्क घर भेजने के पूरे प्रबंध कर रही है। कुछ समय रुकना पड़ सकता है, लेकिन धैर्य रखें सबको घर पहुंचाएंगे।