हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज।
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प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हरियाणा सरकार धरने पर बैठे किसानों को कोरोना से बचाने की तैयारी में जुट गई है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरियाणा की सीमा पर बैठे किसानों के साथ एक बैठक करेंगे। इसमें उन्हें कोविड की जांच और वैक्सीनेशन के बारे में जानकारी दी जाएगी। किसान नेताओं की सहमति के बाद विभाग अपना काम शुरू करेगा।
अनिल विज ने कहा कि धरने पर बैठै किसानों को वैक्सीन लगवानी चाहिए। आंदोलन अपनी जगह है और सुरक्षा अपनी जगह है। सरकार की तरफ से डीसी व एसपी उनसे मिलने गए थे, लेकिन बात नहीं हो पाई। फिर से अधिकारी किसान नेताओं से मिलेंगे और बात करेंगे कि किसानों को वैक्सीन भी लग सके और उनका कोरोना टेस्ट भी हो सके।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि बहुत संख्या में लोग कोरोना के लक्षण आने के बावजूद जांच न करवाकर इधर-उधर से दवा लेकर खा रहे हैं। इस कारण संक्रमण ज्यादा फैल रहा है। सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि जिसको भी कोरोना के लक्षण हैं, अगर वह किसी प्राइवेट डॉक्टर के पास जाता है तो डॉक्टर इलाज करने से पहले उसकी कोरोना जांच करवाएं। रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही इलाज करें। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो मरीज को कोरोना अस्पताल भेजें।
रेमडेसिविर का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा
मंत्री अनिल विज ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर स्पष्ट किया है कि हरियाणा में रेमडेसिविर दवा सप्लाई करने के दो डिपो हैं। दोनों जगह ड्रग विभाग के अधिकारियों को तैनात कर दिया है। दवा का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। सभी दवा विक्रेताओं को आदेश जारी किए हैं कि बिना आधार कार्ड के किसी को भी रेमडेसिविर दवा न दें, ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके। ड्रग विभाग लगातार छापा मार रहा है और 4 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। विज ने कहा कि हम इस आपदा के समय में किसी को मुनाफाखोरी नहीं करने देंगे।