सरकार ने साक्षी के खाते में तुरंत ढाई करोड़ रुपये डाल दिए थे, लेकिन कोच कुलदीप मलिक को कुछ नहीं मिला था। ओलंपिक में साक्षी का कोच होने के कारण केंद्र सरकार, रेलवे और महाराष्ट्र सरकार ने नकद इनामी राशि देकर कुलदीप मलिक को सम्मानित किया था। हरियाणा सरकार ने यह कहते हुए इनाम देने से इंकार कर दिया था कि साक्षी मलिक का कोच होने का चार लोगों ने दावा किया है।
इसलिए इनामी राशि किसी को नहीं दी जा सकती है। इसके बाद साक्षी को खुद ही आगे आकर कुलदीप मलिक को अपना कोच बताना पड़ा था। कुलदीप मलिक को इनामी राशि नहीं मिली तो उन्होंने सीएम विंडो पर गुहार लगाई थी। इसके बाद इनाम देने की प्रक्रिया दोबारा से शुरू की गई थी। अब ढाई साल बाद साक्षी के कोच कुलदीप मलिक को इनाम के 10 लाख रुपये दिए गए हैं।
ओलंपिक में साक्षी के मेडल जीतकर आने पर सरकार ने कार्यक्रम रखा था। वहां सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही थी और उस समय डमी चेक भी दिया था। बाद में मामला फाइलों में दबा पड़ा था और इसके लिए सीएम विंडो पर भी शिकायत लगानी पड़ी थी। अब जाकर ओलंपिक में मेडल दिलाने का इनाम दिया गया है। - कुलदीप मलिक, चीफ कोच भारतीय महिला कुश्ती